1 लाख करोड़ का ‘मेकअप’ खराब, गडकरी-फडणवीस जिम्मेदार! कांग्रेस ने कसा तंज

Congress on Nagpur Flood: नागपुर समेत विदर्भ के कई जिलों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर की सुंदरता में दाग-सा लग गया। इस बारिश ने प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की पोल खोल कर रख दी।
Congress on Nagpur Flood: नागपुर समेत विदर्भ के कई जिलों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर की सुंदरता में दाग-सा लग गया। इस बारिश ने प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की पोल खोल कर रख दी।
विकास ठाकरे और नितिन गडकरी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Congress on Nagpur Flood: जिले में 1 लाखों करोड़ों से विकास कार्य किए गए हैं। सिटी में दमदार नेता हैं जिनके कब्जे में प्रशासनिक अधिकारी भी हैं लेकिन एक बारिश में 1 लाख करोड़ रुपये रुपये का ‘मेकअप’ खराब हो गया और प्रशासिक अधिकारियों की पोल खुल गई है। विकास के इस मॉडल के चलते शहर और ग्रामीण नागपुर के लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

घर से लेकर अनाज तक खराब हो जा रहे हैं और नेता केवल अपने गुणगान में लगे हुए हैं। विधायक विकास ठाकरे ने विधानसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नागपुरवासियों को विज्ञापन नहीं बल्कि वास्तविक विकास चाहिए।

कार्यों के ऑडिट की मांग

उन्होंने सभी कार्यों का ऑडिट करने तक की मांग की ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों की कमाई एक बारिश में खत्म हो जा रही है, इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि शहर में पैसे आ रहे हैं उनका उचित इस्तेमाल हो भी रहा है कि नहीं, यह देखने वाला कोई नहीं रह गया है।

विकास ठाकरे ने कहा कि शहर में 2-2 बड़े-बड़े और ताकतवर नेता रहते हैं। वह अक्सर सार्वजनिक भाषणों में दावा करते थे कि करोड़ों के काम हुए हैं। उन्होंने आंकड़े भी दिए। इसके बाद भी बारिश का पानी घरों में पानी घुस गया। बस्तियों में पानी भर गया। अंडरपास में पानी जमा हो गया। नदी-नालों की सफाई ठीक से नहीं हुई। भाजपा नेता झूठ बोल रहे हैं।

नदी-नालों की सफाई पर नहीं दिया ध्यान

सड़कों के अव्यवस्थित निर्माण से नागरिक त्रस्त हैं। नागपुरवासियों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी इसे व्यवस्थित नहीं किया गया है। मनपा में 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद भी इस प्रकार का विकास कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते नदी-नालों की सफाई पर ध्यान दिया जाता तो नागरिकों का नुकसान बच सकता था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन पैसों का सही उपयोग नहीं हो रहा है। शहर में अब तक हुए विकास कार्यों का ऑडिट होना चाहिए।

आपको जानकारी दें कि नागपुर में पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश में शहर की सड़कों में जलजमाव हो गया। शहरों की चकाचक सड़कों में भी पानी भर गया, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए और लोगों को रेस्क्यू करने की तक नौबत आ गई। इस बारिश ने सड़कों और प्रशासन की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया।

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