नागपुर मनपा: चुनावी वादों पर भारी पड़ रही 'बजट' की देरी; जून से पहले नहीं मिलेगी विकास की चाबी

Corporator Development Fund: नागपुर के नवनिर्वाचित पार्षदों को विकास निधि के लिए जून तक करना होगा इंतज़ार। आम बजट में देरी से वार्डों के काम अटके। जानें बजट पेश होने का गणित।
Newly elected Nagpur corporators to wait until June for development funds. Annual budget delay impacts ward-level projects. Administrative budget to be reviewed.
नागपुर एनएमसी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur NMC Budget 2026: उपराजधानी के नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए ‘हनीमून पीरियड’ अब चुनौतियों में बदलता नजर आ रहा है। महानगरपालिका का वार्षिक आम बजट पेश होने में अमूमन जून तक का समय लगने के कारण पार्षदों की चिंता बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

बहरहाल नवनिर्वाचित पार्षदों को उनके अधिकार की मिलने वाली विकास निधि पर ब्रेक लगने की संभावना है जिससे नये पार्षदों को अपने वार्ड में किए गए चुनावी वादों को पूरा करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। प्रक्रिया के अनुसार मनपा आयुक्त की ओर से पहले बीते वित्तीय वर्ष का संशोधित और नये वर्ष का आगामी बजट पेश किया जाता है।

अब तक के अनुभव के अनुसार यह बजट मार्च के अंतिम सप्ताह तक पेश होता है। आम बजट मंजूर होने तक आयुक्त का बजट लागू होता है। ऐसे में नवनिर्वाचित पार्षदों को उनके अधिकार की विकास निधि के लिए आम बजट पेश होने तक आयुक्त के बजट पर ही निर्भर रहना होगा।

प्रशासक का बजट भी होगा लेट

विशेषत: गत 4 वर्षों से मनपा में सत्ता नहीं होने के कारण प्रशासक की ओर से बजट पेश होते ही यह लागू हो जाता था किंतु अब सत्ता आने के कारण आयुक्त एवं प्रशासक की ओर से स्थायी समिति को बजट पेश किया जाएगा जिसके बाद स्थायी समिति द्वारा आम बजट की तैयारियां शुरू हो सकेंगी। स्थायी समिति की ओर से आयुक्त के बजट में संशोधन कर अपना बजट दिया जाता है। स्थायी समिति की ओर से अब तक पेश हुए बजट का आकलन किया जाए तो वित्तीय वर्ष 2016-17 में तत्कालीन सभापति बंडू राऊत ने मार्च में बजट दिया था। इसके अलावा गत 10 वर्षों में लगभग सभी सभापति ने जून में बजट पेश किया है। महापौर और उपमहापौर चुनाव के बाद आयुक्त के छुट्टी पर जाने की संभावना है। ऐसे में इस वर्ष प्रशासक का बजट भी लेट होने के आसार हैं।

प्रशासक के बजट का होगा पोस्टमार्टम

उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में 3 बजट पेश किए गए। 2 बजट तो मई-जून में पेश किए गए किंतु एक बजट अक्टूबर में पेश हुआ। इस वित्तीय वर्ष में भी जून के अंतिम सप्ताह तक आम बजट पेश होने की संभावना है। मार्च 2022 के बाद से 4 वर्षों तक प्रशासक की ओर से बजट पेश होता रहा है जिसमें प्रशासक द्वारा निर्धारित विकास निधि के अनुसार क्षेत्रों के विकास के लिए आवंटन होता रहा है। अब मनपा में सत्ता स्थापित होने के कारण इस वर्ष के प्रशासक के बजट का पोस्टमार्टम होने की प्रबल संभावना है।

कितनी विकास निधि दें, सदन का निर्णय

मनपा आयुक्त स्थायी समिति को बजट पेश करेंगे जिसके बाद स्थायी समिति का बजट होगा। स्थायी समिति का बजट पेश होने तक आयुक्त का बजट ही लागू होगा। आयुक्त के बजट में पार्षदों को निधि का आवंटन करने का कोई नियम नहीं है। स्थायी समिति और सदन की मंजूरी से जोनल बजट में वित्तीय आवंटन होगा जिसमें से पार्षदों को विकास निधि प्राप्त होगी। यह निधि कितनी हो यह सदन का निर्णय है।

  • सदाशिव शेलके, मुख्य वित्त व लेखा अधिकारी

अब तक इस तरह पेश हुआ बजट

वर्ष पूर्व सभापति तारीख
2015–16 रमेश सिंगारे 22 जून 2015
2016–17 बंडू राऊत 28 मार्च 2016
2017–18 संदीप जाधव 15 जून 2017
2018–19 वीरेन्द्र कुकरेजा 15 जून 2018
2019–20 प्रदीप पोहाने 26 जून 2019
2020–21 पिंटू झलके 20 अक्टूबर 2020
2021–22 प्रकाश भोयर 28 मई 2021
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