Mumbai News: MPSC की परीक्षाएँ मराठी भाषा में आयोजित करने पर सरकार विचाराधीन, CM देवेंद्र फडणवीस ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में जानकारी दी कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाएँ मराठी में कराने की राज्य सरकार की योजना है।
- Written By: आंचल लोखंडे
MPSC की परीक्षाएँ मराठी भाषा में। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में जानकारी दी कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाएँ मराठी में कराने की राज्य सरकार की योजना है। विधान परिषद में सदस्य मिलिंद नार्वेकर ने एमपीएससी परीक्षाओं को मराठी में आयोजित करने को लेकर प्रश्न उठाया था।
इसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अभी तक अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) और कृषि से संबंधित तकनीकी पदों की परीक्षाएँ मराठी में नहीं होतीं, क्योंकि इन विषयों की पुस्तकें मराठी में उपलब्ध नहीं थीं। लेकिन अब मराठी भाषा में इंजीनियरिंग शिक्षा की अनुमति मिल गई है, जिससे इन विषयों की पाठ्यपुस्तकें मराठी में उपलब्ध होंगी। इसी के अनुरूप, राज्य सरकार ने इंजीनियरिंग परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को मराठी में विकसित करने और आगे चलकर सभी तकनीकी पदों की प्रतियोगी परीक्षाएँ मराठी में आयोजित करने की योजना बनाई है।
अधिक ब्याज देने वाली योजनाओं के लालच में न फंसे
तो वही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में राज्य की जनता से अधिक ब्याज देने वाली योजनाओं के लालच में न फंसने की अपील की। सदस्य शशिकांत शिंदे द्वारा टोरेस घोटाले को लेकर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि 99% अधिक ब्याज देने वाली योजनाएँ धोखाधड़ी होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति अत्यधिक ब्याज नहीं दे सकता।
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आर्थिक खुफिया इकाई स्थापित
बैंक के ब्याज दर से 2-4% अधिक ब्याज दिया जा सकता है, लेकिन उससे ज्यादा या बहुत अधिक ब्याज देना संभव नहीं है। इसलिए, जनता को ऐसी योजनाओं के जाल में नहीं फंसना चाहिए और इनमें निवेश करने से बचना चाहिए। गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने भी प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि राज्य में निवेश और वित्तीय लेन-देन की निगरानी के लिए एक आर्थिक खुफिया इकाई (Economic Intelligence Unit) स्थापित की जा रही है। साथ ही, टोरेस घोटाले में ठगे गए निवेशकों के पैसे वापस दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
