नागपुर के संविधान चौक पर MPSC के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा, सड़कों पर उतरे हजारों युवा

MPSC Paper Leak Protest: नागपुर के संविधान चौक पर MPSC पेपर लीक और धांधली के खिलाफ विदर्भ के हजारों छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। 60 से अधिक कोचिंग संस्थान बंद रहे, जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
Nagpur Samvidhan Chowk Protest
छात्रों का जोरदार प्रदर्शन फोटो सोर्स- नवभारत
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Nagpur Samvidhan Chowk Protest: नागपुर में अपने हक, भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पूरे विदर्भ के प्रतियोगी छात्र बुधवार को सड़कों पर उतर आए। नागपुर के ऐतिहासिक संविधान चौक पर विदर्भ के हजारों युवाओं ने अपनी एकजुटता और ताकत का अहसास कराते हुए महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) और राज्य सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।

विदर्भ स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति' के बैनर तले आयोजित इस विशाल आंदोलन में नागपुर, अमरावती, चंद्रपुर, गड़चिरोली, यवतमाल, वर्धा और भंडारा सहित पूरे विदर्भक्षेत्र से आए छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा।

युवाओं की एकजुटता से हिल गया जिला प्रशासन

नागपुर में अपने हक, भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पूरे विदर्भ के प्रतियोगी छात्र वर्षों की कड़ी मेहनत, आर्थिक तंगी और घर-परिवार से दूर रहकर की जा रही पढ़ाई के बाद जब 'पेपर लीक' की खबरें आती हैं तो छात्रों का भरोसा टूट जाता है।

इसी आक्रोश को ताकत बनाकर विदर्भ के कोने-कोने से पहुंचे अभ्यर्थियों ने नागपुर के संविधान चौक पर एमपीएससी की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक चले इस 4 घंटे के जोरदार प्रदर्शन में विदर्भ की युवा शक्ति का अभूतपूर्व रूप देखने को मिला।

संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था पर छात्रों ने खड़े किए सवाल

हाल ही में सामने आए औषधि निरीक्षक पद के पेपर लीक मामले में एमपीएससी के ही अवर सचिव और सहायक कक्ष अधिकारी की गिरफ्तारी ने विदर्भ के छात्रों के गुस्से को भड़का दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले 8 वर्षों में 7 प्रमुख परीक्षाओं के पेपर लीक होना यह साबित करता है कि यह केवल एक विभाग की गड़बड़ी नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी है।

एमपीएससी की विश्वसनीयता अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। छात्रों ने मांग रखी कि आयोग में पारदर्शी व सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति की जाए और वर्तमान अध्यक्ष व सचिव समेत सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाए।

60 से अधिक कोचिंग संस्थान पूरी तरह बंद

विदर्भ के छात्रों के इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला। नागपुर शहर के 60 से 70 प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग संस्थानों ने अपने दरवाजे बंद रखकर आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया। कोचिंग संचालक, मार्गदर्शक और शिक्षक भी हजारों छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संविधान चौक पर डटे रहे।

Nagpur Samvidhan Chowk Protest
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ठेठ नागपुरी और वैदर्भीय अंदाज में कसा तीखा तंज

इस प्रदर्शन में विदर्भ की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय बोली का अनोखा रंग देखने को मिला, छात्रों ने ठेठ नागपुरी व वैदर्भीय शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए आयोग की निष्क्रयता पर जमकर प्रहार किया, हाथी में ली गई तख्तियों पर 'मारबत', 'बड़गे', 'झामल झामल', 'तरी पोहा' और 'भैताड़' जैसे चर्चित स्थानीय शब्दों का प्रयोग कर एमपीएससी की खिल्ली उड़ाई गई। इस अनोखे और मारक अंदाज ने पूरे प्रदर्शन का ध्यान अपनी ओर खींचा।

जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

नागपुर जिला में अपने हक, भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पूरे विदर्भ के प्रतियोगी छात्र आंदोलन के समापन पर समन्वय समिति के प्रतिनिधि मंडल अतुल खोब्रागडे, अभिलाष वराडे, संजय रणदिवे, शैलेश तुमडे, खेमराज चमौशिकर, संघपाल निकोसे, प्रणय सातकर और अनिकेत माते ने नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो विदर्भ से शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में और उग्र रूप धारण करेगा।

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