नागपुर में सरकारी स्कूल में चल रहा था निजी दफ्तर, CJP ने किया खुलासा, जिला परिषद CEO से की कार्रवाई की मांग

Private Office Inside Nagpur School : नागपुर में जिला परिषद के डिगडोह स्थित स्कूल में निजी कार्यालय संचालित होने का चौंकाने वाला मामला। जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनी को सौंप जांच की मांग की।
cjp at zp office
टीम जिला परिषद कार्यालय में निवेदन देने पहुंचीsocial media
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Nagpur Goverment ZP School Turns Into Private Office: नागपुर में जिला परिषद के स्कूल में निजी कार्यालय संचालित होने का खुलासा हुआ है, यह खुलासा कॉकरोच जनता पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में स्कूल की व्यवस्थाओं से जुड़ी कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं। अभियान के तहत अब तक 68 स्कूलों का सर्वेक्षण किया जा चुका है और इसकी सात पन्नों की रिपोर्ट जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनी को सौंपी गई है।

निरीक्षण दल के अनुसार, डिगडोह के स्कूल परिसर में स्कूल के साथ निजी कार्यालय भी संचालित होने की बात सामने आई। इसके अलावा सर्वेक्षण में यह भी दावा किया गया कि नियमानुसार स्कूलों में लिपिक की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन निरीक्षण किए गए स्कूलों में एक भी लिपिक उपलब्ध नहीं है।

स्कुलों कि ऐसी स्तिथी देख हर कोई हैरान

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी रिपोर्ट में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कई स्कूलों में शौचालय उपलब्ध होने के बावजूद उनकी करीब दो वर्षों से सफाई नहीं होने का दावा किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ स्कूलों में अच्छी व्यवस्था है और मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।

नागपुर जिले के 1,500 जिला परिषद स्कूलों में पहुचेंगे काॅकरोच

15 अगस्त से शुरू किए गए अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी ने चरणबद्ध तरीके से नागपुर जिले के करीब 1,500 जिला परिषद स्कूलों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सर्वेक्षक अजिंक्य कलंबे ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों की वास्तविक स्थिति से संबंधित जानकारी प्रशासन के सामने रखी जा रही है।

इस अवसर पर सागर बानाईत, राकेश हेटे, सुजात गजभिये, दुर्गेश कुहीके, पायल लोका सहित अन्य टीम सदस्य उपस्थित थे टीम ने सर्वेक्षण किए गए स्कूलों की दोबारा आधिकारिक जांच कराने और प्रत्येक स्कूल के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।

एक्शन टेकन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

इसके अलावा स्कूल भवनों, कक्षाओं, स्वच्छता सुविधाओं की मरम्मत, खेल मैदान और सुरक्षा दीवार के लिए निधि उपलब्ध कराने, डिजिटल शिक्षा तथा दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं को बढ़ावा देने की मांग की गई है। सर्वेक्षण के आधार पर की गई कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट भी तय समय में सार्वजनिक करने का आग्रह किया गया है।

ZP सीईओ ने बताया मिशन संजीवनी का प्लान

सीईओ विनायक महामुनी ने बताया कि जिले के करीब 1,500 जिला परिषद स्कूलों में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। मिशन संजीवनी के तहत 250 स्कूलों में विभिन्न उपक्रम चलाए जाएंगे। इनमें स्कूल भवनों की मरम्मत, आंतरिक व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, आधुनिक पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर काम किया जाएगा।

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