

Nagpur Mephadrone Drug Supply: तेलंगाना पुलिस ने बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए करीब 54 करोड़ रुपए कीमत के 27 किलो मेफेड्रोन ड्रग्स (एमडी) के साथ 40 किलो एसीटोन बरामद किया। चौंकाने वाली बात ये है कि सारा माल नागपुर आने वाला था। जांच में इस पूरे रैकेट का नागपुर कनेक्शन सामने आने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
पुलिस को संदेह है कि जब्त एमडी की खेप नागपुर लाई जा रही थी और यहां से इसे शहर सहित विदर्भ के अन्य हिस्सों में सप्लाई किया जाना था। यह कार्रवाई रविवार को यादाद्री-भुवनगिरी जिले की स्पेशल ऑपरेशन टीम (एसओटी) और बीबीनगर पुलिस ने की।
पुलिस को नशीले पदार्थों की खेप ले जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने कोंडामडुगु के पास एक एसयूवी को रोककर तलाशी ली। वाहन से 27 किलो एमडी और 40 किलो एसीटोन बरामद हुआ।
इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि नागपुर में ड्रग्स कितने बड़े पैमाने पर बिक रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि मुंबई, राजस्थान और गुजरात के बाद तेलंगाना का नेटवर्क सामने आया है।
इस मामले में तेलंगाना पुलिस ने नागपुर के चर्चित अपराधी संघर्षनगर, कामठी रोड निवासी चेतन मेश्राम और उसके साथी आकाश गावंडे को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा गोपाल सिरपत पटेलिया और इतवारी रेलवे स्टेशन, शांतिनगर निवासी चंदा प्रदीप ठाकुर फरार बताए गए हैं। उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें भी रवाना की गई हैं। चंदा ठाकुर लंबे समय से ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी है।
कई बार पुलिस ने उस पर छापेमारी भी की। पूर्व सीपी अमितेश कुमार के कार्यकाल में चंदा पर पुलिस ने जबरदस्त नकेल कसी थी जिसके बाद वह शहर से बाहर चली गई। इस ड्रग नेटवर्क के तार असम निवासी मुजमल हक और हैदराबाद के चंदानगर निवासी उपद्रस्थ रामन मूर्ति से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, चेतन मेश्राम इस पूरे रैकेट का कथित सरगना है। वहीं रामन मूर्ति वेटुकुरी लैब की जिम्मेदारी संभाल रहा था और कथित तौर पर एमडी बनाने का काम कर रहा था। आकाश गावंडे कार चालक है। उसी के हाथों ड्रग्स नागपुर भेजी जानी थी।
अब जांच का सबसे अहम बिंदु नागपुर में एमडी की सप्लाई लेने वाला कौन था, यह पता लगाना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शहर में इस खेप को किन लोगों के माध्यम से वितरित किया जाना था और क्या इससे पहले भी इस गिरोह ने नागपुर अथवा विदर्भ में एमडी की सप्लाई की है। चेतन की गिरफ्तारी के बाद उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ गया है। वहीं चंदा की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
अक्टूबर 2021 में चेतन को राइफल और पिस्तौल के साथ पकड़ा गया था। उसके खिलाफ डकैती सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके खिलाफ एमपीडीए के तहत कार्रवाई कर चुकी है। चंदा ठाकुर शहर की सबसे पुरानी ड्रग पैडलर में से एक है।
हेरोइन बेचने के मामले में उसे बीते वर्ष सत्र न्यायालय ने 4 वर्ष कारावास की सजा भी सुनाई थी। तेलंगाना पुलिस की इस कार्रवाई ने नागपुर के ड्रग नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 54 करोड़ की एमडी की खेप नागपुर पहुंचने से पहले पकड़े जाने से स्थानीय ड्रग सप्लाई चेन की जांच तेज हो गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एमडी का निर्माण कोडामडुगु स्थित वेटुकुरी लैब में किया गया था। पुलिस के अनुसार, 5 से 7 अगस्त के बीच यहा एमडी तैयार किया गया।
इसके बाद लैब की तलाशी लेकर पुलिस ने रिएक्टर, सेंट्रीफ्यूज सहित ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए। यादाद्री भुवनगिरी के पुलिस अधीक्षक अक्षांश यादव ने बताया कि लैब के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।