चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Revenue Department News: महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय राज्य की प्रशासनिक विकेंद्रीकरण (Administrative Decentralization) की दिशा में एक बड़ा कदम है। नागपुर और अन्य 11 जिलों में अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालयों की स्थापना से न केवल राजस्व कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों को अपने प्रशासनिक कामों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
नागपुर सहित राज्य के 11 जिलों में नये एडिशनल कलेक्टर ऑफिस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में बढ़ती जनसंख्या, दूरदराज क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते बोझ को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दोनों सदनों में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नागपुर, अमरावती, ठाणे, रत्नागिरी, पुणे (बारामती), सातारा, सोलापुर, जलगांव, नांदेड़, यवतमाल, बुलढाना जिलों में उक्त कार्यालयों को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा, जमाबंदी आयुक्त कार्यालय के कार्यभार को कम करने के लिए वहां भी 2 अतिरिक्त जिलाधिकारी पद दिए जाएंगे।
इन नये कार्यालयों के संचालन के लिए उच्च स्तरीय सचिव समिति की मंजूरी के अनुसार, कुल 143 नये पद बनाए जाएंगे। प्रत्येक अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय में 13 अधिकारी और कर्मचारी तैनात होंगे। मंत्रिमंडल ने ‘एस-25’ वरिष्ठ वेतन श्रेणी के पदों को अंतिम मंजूरी दे दी है।
यह भी पढ़ें – धमकी देकर छात्राओं को बनाया हवस का शिकार, भंडारा में शिक्षक की करतूत से मचा बवाल, मासूमों से कराता था पहरेदारी
कुछ विधायकों ने शहरों में प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते बोझ की ओर ध्यान दिलाते हुए अतिरिक्त तहसील कार्यालय शुरू करने की मांग भी रखी जिस पर बावनकुले ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अलग तहसील कार्यालय शुरू करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है।
इस विषय पर राजस्व विभाग के साथ विस्तृत चर्चा के बाद जल्द ही नीति संबंधी निर्णय लिया जाएगा। अगले चरण में राज्य में 69 नए अतिरिक्त तहसीलदार कार्यालय और 10 नये प्रांत कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव भी अंतिम चरण में है।