Nagpur NMC Elections: चुनाव होंगे, पर लटकी रहेगी तलवार, 57 निकायों के परिणाम अंतिम फैसले पर निर्भर
Nagpur Nikay Chunav: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में निकाय चुनाव की मंजूरी दी, लेकिन 57 निकायों में जहां आरक्षण 50% से अधिक है, उनके परिणाम अंतिम फैसले तक अधर में रहेंगे।
- Written By: प्रिया जैस
निकाय चुनाव (फाइल फोटो)
Maharashtra civic elections: राज्य में भले ही सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के बाद ही लगभग 4 वर्षों के बाद 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव होने जा रहे हो, किंतु अब फिर एक बार कोर्ट के आदेशों से इन चुनावों पर अनिश्चितता की तलवार अटकी रहेगी। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 29 महानगर पालिकाओं में से केवल 2 महानगर पालिकाओं में आरक्षण 50% से अधिक होगा।
जिस पर कोर्ट ने निर्देश दिया कि महानगर पालिकाओं के चुनाव बिना किसी देरी के अधिसूचित किए जाएं और जल्द से जल्द आयोजित किए जाएं। इन 2 महानगर पालिकाओं के नतीजे भी इन कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगे। सूत्रों के अनुसार नागपुर और चंद्रपुर महानगर पालिका में आरक्षण 50 प्रतिशत के अधिक हुए है।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत जानकारी
राज्य चुनाव आयोग की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील बलबीर सिंह ने न्यायालय के समक्ष एक संक्षिप्त नोट प्रस्तुत किया। इस नोट से निम्नलिखित तथ्य उजागर किए।
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1. चुनाव शुरू हो चुके निकाय : कुल 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इन निकायों के लिए मतदान 2 दिसंबर 2025 को होना निर्धारित है।
2. 50% आरक्षण उल्लंघन : इन निकायों में से 40 नगर परिषदों और 17 नगर पंचायतों में आरक्षण 50% की सीमा को पार कर गया है।
3. चुनाव शुरू न हुए निकाय : 29 महानगर पालिका, 32 जिला परिषदों और 336 पंचायत समितियों में चुनाव प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्देश
1. नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव : न्यायालय ने निर्देश दिया कि जिन नगर परिषदों और नगर पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहां चुनाव अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार हो सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि उन 40 नगर परिषदों और 17 नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम, जहां आरक्षण 50% सीमा का उल्लंघन करता है, वे इस याचिका के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगे।
2. महानगर पालिका चुनाव : न्यायालय को सूचित किया गया कि 29 महानगर पालिकाओं में से केवल 2 महानगर पालिकाओं में आरक्षण 50% से अधिक होगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि महानगर पालिकाओं के चुनाव बिना किसी देरी के अधिसूचित किए जाएं और जल्द से जल्द आयोजित किए जाएं। इन 2 महानगर पालिकाओं के नतीजे भी इन कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगे।
3. जिला परिषद और पंचायत समितियां : 32 जिला परिषदों और 336 पंचायत समितियों के संबंध में यह निर्देश दिया गया कि जहां कहीं भी आरक्षण 50% से अधिक नहीं है, वहां चुनाव पिछले आदेशों के अनुसार आयोजित किए जाएं।
21 जनवरी को 3 जजों की बेंच में सुनवाई
इन मामलों को विचार के लिए 3 न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया है, जिसकी प्रारंभिक सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी। अपने पक्ष के दस्तावेजों को पूरा करने और कानून के प्रस्तावित प्रश्नों को प्रस्तुत करने के लिए दोनों पक्षों ने एओआर अमोल करांडे (एओआर) और अधि। सिद्धार्थ धर्माधिकारी को नोडल वकील नामित किया है।
यह भी पढ़ें – निकाय चुनाव पर SC की सशर्त हरी झंडी, नागपुर-चंद्रपुर मनपा चुनाव पर ग्रहण, 21 जनवरी को अगली सुनवाई
इन नोडल वकीलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि अपने पक्ष के दस्तावेज 9 जनवरी 2026 से पहले पूरी कर ली जाए। संक्षेप में न्यायालय ने चुनावों को हरी झंडी दे दी है, लेकिन महाराष्ट्र के कुल 59 स्थानीय निकायों (40 नगर परिषद, 17 नगर पंचायत और 2 महानगर पालिका) में जहां आरक्षण की सीमा पार हो चुकी है, वहां के चुनावी नतीजे सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेंगे।
