

Maharashtra Education: नागपुर राज्य में इंजीनियरिंग डिग्री पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया पर नीट पेपर लीक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। राज्य सामायिक प्रवेश परीक्षा कक्ष (सीईटी सेल) ने स्पष्ट किया है कि जिन 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा सीटों पर नीट के अंकों को मान्यता दी जाती है उन्हें फिलहाल अलग रखते हुए शेष सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय पर शुरू की जाएगी।
दरअसल राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने हाल ही में कहा था कि नीट पेपर लीक प्रकरण के कारण राज्य में इंजीनियरिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है या उसमें देरी हो सकती है।
इसके बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। विशेषज्ञों ने यह ध्यान दिलाया था कि केवल 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा सीटों के कारण पूरी प्रवेश प्रक्रिया रोकना उचित नहीं होगा और इन सीटों के लिए अलग से प्रक्रिया चलाई जा सकती है। इसी पृष्ठभूमि में सीईटी सेल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि नीट परीक्षा के अंक कृषि अभियांत्रिकी, जैव तकनीकी कुड इंजीनियरिंग, लेदर टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, प्रिंटिंग इंजीनियरिंग, फैशन टेक्नोलॉजी और टेक्सटाइल केमिस्ट्री जैसे 9 पाठ्यक्रमों में 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए मान्य होते हैं, ये पाठ्यक्रम राज्य की 17 मान्यता प्राप्त संस्थाओं में संचालित है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही राज्य में तकनीकी एवं व्यावसायिक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाती है। इसलिए परिषद द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, सीईटी सेल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नीट पुनर्परीक्षा के परिणाम घोषित होने में देरी होती है तो संबंधित 9 इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा सीटों को फिलहाल अलग रखते हुए बाकी सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया समय पर शुरू कर दी जाएगी।