धंधे की दुश्मनी बनी खूनी जंग! नागपुर में ड्रग्स गैंग के बीच फायरिंग से सनसनी, पुलिस ने शुरू की जांच
Nagpur Firing Mahal Area: नागपुर के महल इलाके में कथित आपसी रंजिश के बीच फायरिंग की घटना सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है, जबकि इलाके में तनाव की चर्चा है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर फायरिंग, महल इलाका (सोर्स: फोटो नवभात)
Nagpur Shooting Incident: नागपुर शहर में ड्रग्स की बिक्री तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में विक्रेताओं की संख्या और धंधे में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई है। किसी समय साथ धंधा करने वाले घाटे बंधु और गंगा का पंगा इतना ज्यादा बढ़ गया कि अब यह खूनी खेल में तब्दील होने की कगार पर है। धंधे में वर्चस्व बनाने के लिए अब गंगा गैंग ने घाटे के घर पर हमला कर दिया।
यह घटना कोतवाली थानांतर्गत महल के कोठी रोड पर हुई। गंगा और उसके साथियों ने घर के सामने बैठे सौरभ घाटे पर 2 राउंड फायर किए, हालांकि पुलिस का मानना है कि फायरिंग केवल दहशत मचाने के इरादे से की गई लेकिन अब यह मामला यहीं खत्म नहीं होने वाला। इस घटना के बाद गैंगवार बढ़ने और खून-खराबा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कोठी रोड निवासी सौरभ उर्फ आलू घाटे (27) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। आरोपियों में गंगा काकड़े, रवि महतो, प्रतीक कदम और अन्य 3 का समावेश है।
सबसे बड़े ड्रग पेडलर माने जाते हैं घाटे बंधु
प्रवीण घाटे और सौरभ घाटे शहर के सबसे बड़े ड्रग पेडलर माने जाते हैं लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि एनडीपीएस सेल और कोतवाली पुलिस उन पर नकेल कसने में पूरी तरह विफल दिखाई पड़ती है। कहने को तो घाटे बंधु महल में कपड़े की दुकान चलाते हैं लेकिन उनका असली धंधा एमडी का है।
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गंगा कुछ महीनों पहले तक प्रवीण का सबसे खास नंबरकारी था। उसके माल की पूरी डीलिंग गंगा ही करता था। प्रवीण का व्यवहार बदल गया और गंगा भी अपना नेटवर्क बनाकर धंधे में कूद गया। प्रवीण के कई क्लाइंट उसके पास चले गए, तब से एमडी के धंधे में दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई।
2 राउंड किए फायर
जानकारी के अनुसार सौरभ रविवार की रात अपने मित्र रोहन और अन्य के साथ घर के सामने बैठा था। रात 11।40 बजे के दौरान गंगा, रवि और प्रतीक अन्य 3 साथियों के साथ दोपहिया वाहन पर उसके घर के सामने पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें ललकारते हुए पिस्तौल निकाली।
सौरभ की तरफ 2 राउंड फायर किए गए।
एक गौली घर के सामने खड़ी फार पर जा लगी, वहीं दूसरी गोली बंदूक में ही फंस गई, तत्काल आरोपी वाहनों में सवार होकर भाग निकले, कोई जख्मी तो नहीं हुआ लेकिन आधी रात को फायरिंग होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया, इस घटनास्थल से गडकरी वाडा और कोतवाली थाना महज कुछ कदमों की दूरी पर है।
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महल में फायरिंग की खबर से आला अधिकारियों को भी पसीने छूट गए। घटना की जानकारी मिलते ही अफसर घटनास्थल पर पहुंचे, फोरेंसिक जांच टीम मौके पर पहुंची और गोली का खाली खाका जब्त किया, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आरोपी फायरिंग करते साफ दिखाई दे रहे है। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की और प्रतीक को गिरफ्तार कर लिया।
15 दिनों से चल रही थी गहमा गहमी
घाटे बंधु और गंगा के बीच कई महीनों से रंजिश चल रही है। सितंबर महीने में प्रवीण ने पुलिस को गंगा के माल की टिप दी थी। तब पुलिस ने संकेत नामक युवक को पकड़ा था। बाद में कित ने गंगा के कहने पर घाटे बंधुओं के लिए माल खरीदने का बयान दिया था और उन्हें आरोपी भी बनाया गया लेकिन न्यायालय से उन्हें एंटीसिपेटरी बेल मिल गई लेकिन पिछले 15 दिनों से गहमा-गहमी ज्यादा बढ़ गई थी। बीते शनिवार को गंगा गैंग ने सौरभ के खास रोहन पर हमला कर दिया था जिसके बाद से घाटे बंधु भी उसे निपटाने की प्लानिंग कर रहे थे।
एनडीपीएस सेल की क्षमता पर प्रश्नचिह्न
ड्रग्स विक्रेताओं को पकड़ने के लिए ही क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस सेल बनाया लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस विभाग की कार्यक्षमता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घाटे और गंगा दोनों ही बड़े पैमाने पर एमडी की बिक्री करते हैं, यह जग जाहिर है। फिर भी पुलिस उन्हें पकड़ पाने में लाचार दिख रही है। बताया जाता है कि कुछ कर्मचारियों ने अपना अलग वसूली नेटवर्क बना लिया है। गणेशपेठ परिसर में पकड़े गए उपरोक्त डुग पेडलरों के खास अमर शर्मा को पुलिस ने मामले से ही बाहर कर दिया था। अब वह इंदौर से अपना काम कर रहा है।
