

Chandrapur Urban Naxalism Police Monitoring: चंद्रपुर केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को नक्सल-मुक्त घोषित कर दिया है, लेकिन यह सच्चाई सामने आई है कि राज्य के सामने नक्सलवाद की चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पुलिस घने जंगलों में नक्सलवादियों को खत्म करने में सफल रही है, लेकिन अब 'अर्बन नक्सलवाद' गृह विभाग के सामने एक नई और गंभीर चुनौती है।
चौंकाने वाली जानकारी है कि चंद्रपुर जिले में सात से आठ 'अर्बन नक्सल' एक्टिव हैं, जो नक्सली विचारधारा से मिलते-जुलते हैं, और वे सभी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उनकी विस्तृत हलचलों पर नजर रखी जा रही है।
पिछले कुछ सालों में, गढ़चिरौली और चंद्रपुर के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और नक्सलवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ों में पुलिस ने कई खूंखार नक्सलवादियों को मार गिराया है। दूसरी तरफ, सरकार के आत्मसमर्पण योजना के जवाब में, कई नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होना पसंद किया है। इससे जंगलों में नक्सली गतिविधियों को बड़ा ब्रेक मिला है। हालांकि, अब बंदूकों की जगह गुप्त वैचारिक लड़ाई ने ले ली है।
नक्सल विचारधारा को मानने वाले सफेदपोश लोग भी शहर में सोशल मीडिया और आर्थिक व्यवहारों पर नजर रख रहे है। अलग-अलग सामाजिक संस्था, परिषद आदि के नाम पर होने वाली बैठके, सेमिनार और विरोध प्रदर्शन में उनके शामिल होने की जांद की जा रही है।
इसके साथ ही, साइबर सेल इस बात पर भी नजर रख रही है कि वे सोशल मीडिया अकाउंट, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप ग्रुप पर क्या पोस्ट करते हैं, और किस विचारधारा की फैलाते है। सूत्रों ने बताया कि वे यह भी ट्रैक कर रहे है कि उन्हें अपना फंड कहां से मिलता है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह लोग भी आम लोगों की तरह ही व्यवहार और बर्ताव करते हैं।