

Maharashtra Government Is Set To Launch The 1,710-Acre: महाराष्ट्र का आर्थिक विकास अब केवल मुंबई और पुणे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागपुर मध्य भारत के सबसे बड़े इकोनॉमिक और फाइनेंस हब के रूप में उभरने जा रहा है। नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (NMRDA) और महाराष्ट्र सरकार मिलकर 'नवीन नागपुर IBFC' (International Business & Finance Center) नाम से एक ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए शहर में ₹10,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और घरेलू पूंजी लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
एनएमआरडीए के महानगर आयुक्त संजय मीणा के अनुसार, यह लैंडमार्क प्रोजेक्ट पूरे मध्य भारत की आर्थिक तस्वीर बदल कर रख देगा। 1,710 एकड़ के विशाल भूभाग में फैले इस सेंटर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), कॉरपोरेट ऑफिस, स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए विश्वस्तरीय और एकीकृत बुनियादी ढांचा (Integrated Infrastructure) तैयार किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य नागपुर शहर को एक प्रमुख वित्तीय और व्यापारिक गंतव्य बनाकर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा करना है।
नरेडको (NAREDCO) महाराष्ट्र द्वारा 3 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित होने वाले 'रियल एस्टेट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टर्स समिट 2026' में इस प्रोजेक्ट को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। 'री-डिफाइन इंडिया ग्रोथ स्टोरी' थीम पर आधारित इस समिट में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी, रेमंड रियल्टी के चेयरमैन गौतम सिंघानिया, एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी सहित कई नीति निर्माता और वैश्विक निवेशक शामिल होंगे।
इस एक दिवसीय सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एकीकरण, प्रॉपटेक, वैकल्पिक वित्तपोषण और 'मुंबई 3.0' जैसे आधुनिक विषयों पर गहन मंथन होगा। एनएमआरडीए प्रशासन का पूरा ध्यान नवीन नागपुर को उच्च गुणवत्ता वाले इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी शासन और मजबूत निवेश माहौल के साथ विकसित करने पर है, ताकि आने वाले समय में नागपुर देश के नक्शे पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनकर उभर सके।