भू-अधिग्रहण : ब्याज सहित दें अनुग्रह राशि, हाई कोर्ट ने एनएचएआई को दिए आदेश
Bombay High Court:19 सितंबर, 2025 को हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए वासुदेव मालू की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
- Written By: आंचल लोखंडे
बॉम्बे हाईकोर्ट (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur News: समान परिस्थितियों वाले मामलों में प्रतिवादी को ब्याज सहित अनुग्रह राशि जमा करने का निर्देश दिया गया था। इसी आधार पर 19 सितंबर, 2025 को हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए वासुदेव मालू की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
इस पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने याचिकाकर्ताओं को अनुग्रह राशि (सोलटियम) के साथ-साथ उस पर ब्याज का भुगतान करने का निर्देश एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को दिए। न्याय के हित में कोर्ट ने समीक्षा के लिए प्रार्थना किए गए पिछले आदेश को वापस ले लिया और नया आदेश पारित किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का आधार
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधि। गढिया ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का हवाला दिया। उन्होंने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम तारसेम सिंह और अन्य मामले में स्थापित सिद्धांतों पर जोर दिया। इसके अलावा 4 फरवरी, 2025 को दिए गए एक आधिकारिक घोषणा का भी उल्लेख किया।
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वकील ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट की इस आधिकारिक घोषणा ने यह सुनिश्चित किया है कि अनुचित गणनाओं से बचने के लिए ब्याज सहित सोलटियम का लाभ दिया जाना चाहिए। चूंकि यह दावा 4 फरवरी, 2025 के आधिकारिक घोषणा पर आधारित था, इसलिए एनएचएआई की ओर से उपस्थित वकील ने इसका विरोध नहीं किया। कोर्ट ने इस आधार पर यह माना कि याचिकाकर्ता न केवल सोलटियम के लिए बल्कि उस पर ब्याज का भी हकदार है।
12 सप्ताह में जमा करें राशि
कोर्ट ने अधिग्रहण करने वाली एनएचएआई को 12 सप्ताह की अवधि के भीतर ब्याज सहित सोलटियम की राशि भूमि अधिग्रहण प्राधिकरण के पास जमा करने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त कोर्ट ने जिला न्यायाधीश को सिविल एप्लीकेशन संख्या 847/2019 पर 6 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का भी निर्देश दिया।
