विशाल-रेखा भारद्वाज का लाइव इन कॉन्सर्ट (सौजन्य-नवभारत)
Sanskritik Khasdar Mahotsav 2025: संगीतकार विशाल भारद्वाज और गायिका रेखा भारद्वाज के शांत, संयमित और अत्यंत मधुर गीतों ने शुक्रवार की शाम को अविस्मरणीय बना दिया। ईश्वर देशमुख शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय प्रांगण में चल रहे ‘खासदार सांस्कृतिक महोत्सव-2025’ के 8वें दिन शाम के सत्र में विशाल और रेखा भारद्वाज का ‘लाइव इन कॉन्सर्ट’ भव्य रूप में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत रेखा भारद्वाज ने अपने लोकप्रिय गीत ‘तेरे इश्क में’ से की। उन्होंने सिर पर टोपी पहनकर आने के बारे में कहा कि प्रकृति से जो कुछ मिलता है उसे फिर से धरती को समर्पित करने का प्रयास करना चाहिए। सूफी तरीके से ईश्वर को याद करने का यह मेरा तरीका है और उन्होंने श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई।
रेखा भारद्वाज ने ‘कैसी तेरी खुदगर्जी’, ‘कबीरा मान जा’, ‘वो जो अधूरी सी याद बाकी है’, ‘ससुराल गेंदा फूल’ और ‘या चिमण्यांनो यां’ जैसे लोकप्रिय गीतों से समां बांध दिया।
इसके बाद संगीतकार विशाल भारद्वाज के आगमन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
उन्होंने नागपुर को एक खूबसूरत शहर और यहां के श्रोताओं को अद्भुत बताया। विशाल भारद्वाज ने ‘थोड़े भीगे भीगे, थोड़े नम हैं हम’ और ‘पहली बार मोहब्बत की है’ जैसे मन को छूने वाले गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने सफर के यादगार पलों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी पहली फिल्म ‘माचिस’ थी और लता मंगेशकर के साथ काम करते समय वे नर्वस थे।
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लता दीदी ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा, ‘मैं लता मंगेशकर हूं यह भूल जाइए, यह समझिये कि मैं नई हूं।’ इसके बाद उन्होंने ‘पानी पानी रे’ गाना रिकॉर्ड किया। उन्होंने ‘ऐसी उलझी नजर’ और ‘दिल तो बच्चा है जी’ जैसी लोकप्रिय रचनाओं से महफिल में और रंग भर दिया। भारद्वाज दंपति के सुरमयी गायन ने नागपुर के संगीत प्रेमियों को एक यादगार अनुभव दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री और सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के प्रणेता नितिन गडकरी, ‘नवभारत’ समूह के प्रमुख निमिष माहेश्वरी, सुमित अग्रवाल, प्रकाश पोहरे, अरुण कोटेचा, पूर्व पुलिस आयुक्त डॉ. भूषणकुमार उपाध्याय, लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के अध्यक्ष अतुल शिरोडकर और शेफ विष्णु मनोहर ने दीप प्रज्वलन कर पारंपरिक तरीके से किया। स्थानीय कार्यक्रमों का संचालन रिचा सुगंध और अमन चौधरी और मुख्य कार्यक्रम का संचालन बाल कुलकर्णी और रेणुका देशकर ने किया।
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए कार्यरत ममत्व फाउंडेशन के शिवमुद्रा डांस ग्रुप ने महोत्सव में शानदार प्रस्तुति दी। कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से किन्नरों के जीवन से संबंधित पौराणिक कथाओं को प्रस्तुत किया जिनमें अर्धनारीनटेश्वर, द्रौपदी वस्त्रहरण, श्रीकृष्ण रासलीला में भगवान गोपेश्वर का नृत्य, और मां यल्लमा का जोगवा शामिल थे। गडकरी ने सभी कलाकारों, कोरियोग्राफर जय, संचालक स्वरा करंजगावकर और संस्था अध्यक्ष श्रद्धा जोशी को सम्मानित किया।