नागपुर: नए डीजल सर्कुलर से पेट्रोल पंपों का लाइसेंस रद्द होने का खतरा; कैमिट बोला- कालाबाजारी पर रोक सही
Nagpur Diesel Sale Circular: नए डीजल सर्कुलर को लेकर चिंता बढ़ गई है। कैमिट का कहना है कि इससे अस्पतालों, उद्योगों और लाखों वैध उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
डीजल सर्कुलर, पेट्रोल पंप लाइसेंस,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Petrol Pump License: नागपुर जिले में नए डीजल सर्कुलर से उन पेट्रोल पंपों का लाइसेंस कैंसिल हो सकता है जो कैन में डीजल बेचते हैं। कैमिट ने लाखों ईमानदार ग्राहकों को परेशानी और समस्या बढ़ने की संभावना जताई है। इससे हॉस्पिटल, इंडस्ट्री, बिजनेस समेत कई सेक्टर पर असर पड़ेगा। कैमिट ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस पर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि यह पक्का हो सके कि ईमानदार ग्राहकों पर इसका असर न पड़े।
कैमिट ने स्पष्ट किया है कि वह जमाखोरी, कालाबाजारी एवं पेट्रोलियम उत्पादों के अनधिकृत दुरुपयोग पर रोक लगाने के राज्य सरकार के प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है। तथापि संगठन का मानना है कि वर्तमान स्वरूप में इस सर्कुलर का क्रियान्वयन राज्य के लाखों वास्तविक डीजल उपभोक्ताओं के लिए भ्रम, बाधा एवं कठिनाइयों का कारण बन सकता है।
डीजल आपूर्ति को लेकर उद्योग जगत ने मांगा स्पष्ट निर्देश
तत्काल जारी हो आवश्यक स्पष्टीकरण कैमिट के अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल ने कहा कि यदि तत्काल आवश्यक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया तो इस परिपत्र का प्रतिकूल प्रभाव अस्पतालों, नर्सिंग होम्स, डायग्नोस्टिक सेंटरों, हाउसिंग सोसायटियों, आवासीय परिसरों, रेस्टोरेंट्स, होटलों, बैंक्वेट हॉल्स, शैक्षणिक संस्थानों, रिटेल दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, गोदामों, कोल्ड स्टोरेज, टेलीकॉम टावरों, बैंकों, एटीएम, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों, निर्माण कार्यों, कृषि गतिविधियों तथा ऐसे अनेक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है, जो निर्बाध संचालन के लिए डीजल जनरेटर एवं डीजल आधारित उपकरणों पर निर्भर हैं।
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अग्रवाल ने कहा कैमिट जमाखोरों, कालाबाजारी करने वालों एवं अनधिकृत व्यापारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का पूर्ण समर्थन करता है, किंतु वास्तविक उपभोक्ताओं को ऐसे कदमों का अनपेक्षित शिकार नहीं बनना चाहिए। आशंका है कि कार्रवाई के भय से पेट्रोल पंप संचालक वैध उपभोक्ताओं को भी डीजल देने से हिचक सकते हैं, जिससे आवश्यक सेवाओं, व्यापारिक गतिविधियों एवं आम नागरिकों के समक्ष अव्यवस्थित स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
कैमिट ने इस विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर उनसे तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया है तथा वास्तविक उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक स्पष्टीकरण एवं सुरक्षा उपाय जारी करने की मांग की है। चैबर ने सरकार से आग्रह किया है कि अवैध थोक खरीद एवं वास्तविक उपभोक्ताओं द्वारा जनरेटर, आपातकालीन बैकअप एवं नियमित संचालन हेतु की जाने वाली वैध डीजल खरीद के बीच स्पष्ट अंत्तर किया जाए।
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साथ ही एक व्यावहारिक सत्यापन एवं स्व-घोषणा व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है, जिससे वास्तविक उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के डीजल उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार शीघ्र ही इस विषय पर संतुलित एवं व्यावहारिक निर्णय लेगी, जिससे वास्तविक उपभोक्त्ताओं और आवश्यक सेवाओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
