किसानों में रोष (सौजन्य-नवभारत)
Kanhan Toxic Chemical Leak: पारशिवनी तहसील के आमड़ी ग्राम में खेती के लिए लगातार संकट बढ़ता जा रहा है। आस-पास स्थित किसी फैक्ट्री द्वारा केमिकल मिश्रित रसायन खुले में छोड़ने की वजह से एक बार फिर कृषि भूमि और तैयार कपास की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
इस बार नुकसान का सबसे बड़ा शिकार स्थानीय कृषक प्रभु हेमराज बल्लारे का खेत बना, जहां विषैला केमिकल रात में खेत में घुसकर तेजी से फैल गया और तैयार खड़ी कपास को पूरी तरह जला दिया। स्थानीय किसानों के अनुसार यह घटना पिछले कुछ महीनों में पांचवीं बार सामने आई है। हर बार अज्ञात ट्रक खेतों के समीप रुककर रसायन युक्त पानी खेतों या नालों में छोड़ देता है, जहां से वह बहकर फसलों को नुकसान पहुंचा देता है।
प्रभावित किसानों का कहना है कि केमिकल में इतनी तीव्रता होती है कि पौधों की हरियाली कुछ ही घंटों में काली होकर सूख जाती है। किसानों ने बताया कि इस बार भी 22 नवंबर की देर रात एक अज्ञात वाहन से केमिकल छोड़ा गया, जिसके चलते पूरी फसल नष्ट हो गई। घटना का पता सुबह खेत में पहुंचने पर चला, जब कपास के पूरी तरह झुलसे हुए पौधे देखे गए।
किसानों ने बार-बार पुलिस थाने में शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक किसी फैक्ट्री मालिक या संबंधित चालक के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि कार्रवाई न होने से ऐसे समाज-विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और वे बार-बार रसायन खेतों में छोड़कर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। एक बार फिर, 26 नवंबर को प्रभावित किसानों के समूह ने कन्हान थाने में सामूहिक रूप से रिपोर्ट दर्ज कराई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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लगातार हो रहे नुकसान से परेशान किसानों में ओमप्रकाश काकड़े, सीताराम भारद्वाज, जीवन चौहान, अमर बल्लारे, संकेत बसोले, राम ठाकरे, आत्माराम उकुंडे, संतोष ठाकरे, नरेश ढोने, गोलू काकडे, रवी गुड़धे, किशोर यादव सहित दर्जनों किसान शामिल हैं। इनका कहना है कि यदि प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में बड़े आंदोलन की नौबत आ सकती है।