अंतरजातीय विवाह: 2 वर्ष बाद मिला प्रोत्साहन अनुदान

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नागपुर. अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाता है लेकिन कोरोना की वजह से पिछले दो वर्ष से अनुदान अटका हुआ था. परिणामस्वरूप 850 से अधिक जोड़े अनुदान से वंचित हो गए लेकिन अब जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग को सरकार की ओर से 3 करोड़ 19 लाख का अनुदान मिला है. अब जल्द ही इन पात्र लाभार्थियों को अनुदान मिल सकेगा.

समाज में सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए सरकार अंतरजातीय विवाह करने वालों को 50,000 रुपये का अनुदान देती है. इस उद्देश्य के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा 50 प्रतिशत धनराशि प्रदान की जाती है. जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग में हर साल करीब 450 जोड़े आवेदन जमा करते हैं लेकिन कई बार सरकार की ओर से धन की कमी के कारण कई लोगों को प्रोत्साहन अनुदान के लिए इंतजार करना पड़ता है. क्योंकि कभी-कभी उन्हें सरकार से बहुत कम राशि मिलती है.

विभाग ने वर्ष 2019-20 में 376 जोड़ों को लाभान्वित किया था. 2020-21 में 472 जोड़े लाभान्वित हुए. तब से 850 से अधिक जोड़े विभाग से अनुदान की प्रतीक्षा कर रहे हैं लेकिन अब विभाग को इन जोड़ों के अनुदान के लिए सरकार की ओर से 3 करोड़ 19 लाख रुपये मिले हैं. इसमें से 638 जोड़ों को 50 हजार रुपए प्रति युगल की दर से अनुदान दिया जाएगा.

जिला परिषद ने कहा कि शेष जोड़ों को धन उपलब्ध होते ही लाभ दिया जाएगा. मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. कमल किशोर फुताने ने कहा कि शासन से अनुदान मिल चुका है. नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को धनराशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी. 

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