

Nagpur Vidarbha industries MIDC: नागपुर MIDC के CEO दीपेंद्र कुशवाह के नागपुर आगमन के दौरान शहर के प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लगभग 2।30 घंटे तक उनसे चर्चा की और नागपुर और विदर्भ से जुड़ीं समस्याओं को रखा। कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और कुशवाह ने इन मुद्दों का समाधान समय पर निकालने का आश्वासन दिया।
विदर्भ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (वीआईए) का प्रतिनिधि मंडल ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम MIDC के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO दीपेंद्र सिंह कुशवाह से मुलाकात की। बैठक के दौरान वीआईए ने महाराष्ट्र सरकार की प्रगतिशील नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य तेजी से देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनकर उभर रहा है।
वीआईए के उपाध्यक्ष आशीष दोषी ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि स्थानीय मुद्दों के जल्द निपटारे के लिए एमआईडीसी के डिप्टी सीईओ को हर हफ्ते नागपुर का दौरा करना चाहिए। मुंबई स्थित लीगल जीएम कार्यालय में लंबित फाइलों को तेजी से क्लियर करने का आग्रह किया गया।
प्रोजेक्ट्स की जटिलता को देखते हुए 40% बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने की समय सीमा को 2 वर्ष से बढ़ाकर 4 वर्ष करने का अनुरोध किया गया। प्रोजेक्ट अवधि के दौरान 'गैर-उपयोग शुल्क' से राहत जारी रखने की बात कही।
MAITRI 2.0 पर सपोर्ट 'सिंगल विंडो सिस्टम' से 'मैत्री 2.0' पोर्टल पर माइग्रेशन के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने और उद्यमियों को उचित तकनीकी सहायता प्रदान करने की मांग रखी गई। क्षेत्र में जमीनों की बढ़ती मांग को देखते हुए बूटीबोरी, उमरेड, कुही और सावनेर में अतिरिक्त औद्योगिक भूमि विकसित करने की सिफारिश की गई।
इसके जवाब में सीईओ दीपेंद्र सिंह कुशवाह ने सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर रोहित बजाज, नितिन अग्रवाल, वैभव अग्रवाल, अनिल चांडक, नरेश अग्रवाल और वेणुगोपाल मालू सहित कई प्रमुख उद्यमी उपस्थित थे।
'मैत्री' और 'मिलाप' पोर्टल की तकनीकी खामियों को जल्द दूर किया जाएगा ताकि उद्यमियों को ऑनलाइन सेवाओं मे परेशानी न हो। एमआईडीसी ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों पर लगाया गया जीएसटी एक कानूनी दायित्व है। एमआईडीसी इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा और राशि वापस मिलने पर उद्यमियों को रिफंड किया जाएगा।
बुटीबोरी आवासीय क्षेत्र के आवंटन की समीक्षा की जाएगी, इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि क्या उद्योगों को मालिक के रूप में आवासीय भूखंड आवंटित किए जा सकते हैं। सिडको क्षेत्र में पानी की समस्या का जल्द समाधान निकाला जाएगा, सीईओ दीपेंद्र सिंह कुशवाह ने सभी मांगों को बेहद गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि जिन विषयों पर विभागीय समीक्षा की आवश्यकता है, उन पर भी जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेंद्र सिंह कुशवाह के साथ बूटीबोरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (बीएमए) प्रतिनिधि मंडल की परिणामोन्मुख बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान स्थानीय उद्योगपतियों और संघ द्वारा उठाई गई समस्याओं पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर सीईओ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई प्रशासनिक मुद्दों पर मौके पर ही निर्देश जारी किए, बैठक में संरक्षक प्रदीप खंडेलवाल, अध्यक्ष शशिकांत कोठारकर, सचिव शशिन अग्रवाल, निवर्तमान अध्यक्ष किशोर मालवीय, हितेश अग्रवाल, सुबोध देऊलगांवकर, रवि सिंह शामिल थे।
मोहन ने विदर्भ के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल एमआईडीसी हिंगना की लंबित बुनियादी समस्याओं को समय सीमा के भीतर हल करने पर जोर दिया। खराब सड़कों, जल निकासी (ड्रेनेज), स्ट्रीट लाइटिंग, पानी की निर्बाध आपूर्ति, बिजली दरों और आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
औद्योगिक क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, अग्निशमन सेवाओं को दुरुस्त करने और नियमित रखरखाव की मांग रखी गई। संगठनों ने एमआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालयों को अधिक अधिकार देने, शिकायत निवारण प्रणाली को तेज करने और लंबित मुद्दों की निगरानी के लिए एक स्थायी समन्वय तंत्र बनाने का सुझाव दिया।
सीईओ कुशवाह ने उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उठाए गए सभी मुद्दों की एमआईडीसी के संबंधित विभागों द्वारा गहन समीक्षा की जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विदर्भ और नागपुर के औद्योगिक परिदृश्य को नई गति देने और स्थानीय उद्यमियों की दीर्घकालिक समस्याओं का समाधान निकालने के उद्देश्य से महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेंद्र सिंह कुशवाह ने क्षेत्र के प्रमुख उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस प्रत्यक्ष संवाद का मुख्य केंद्र बुनियादी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण, व्यापार में सुगमता और एमएसएमई क्षेत्र की वृद्धि रहा। बैठक में एमआईए अध्यष पी। मोहन, जुलफेश शाह अध्यक्ष कोसिया सहित एमआईए के कई पदाधिकारी उपस्थित थे। दीपेंद्र सिंह कुशवाह, राजेश झांझड (मुख्य अभियंता), मनोहर पोटे (क्षेत्रीय अधिकारी) व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।