दिवाली से ठीक पहले श्रद्धा AI पर आयकर विभाग का ‘हमला’, रायसोनी ग्रुप पर मुंबई IT टीम की कार्रवाई
Income Tax Raid on Raisoni Group: नागपुर में रायसोनी ग्रुप पर ठीक दिवाली से पहले आयकर विभाग ने छापा मारा है। इस छापेमारी से रायसोनी ग्रुप के श्रद्धा एआई पर हंगामा मच गया।
- Written By: प्रिया जैस
आयकर विभाग की छापेमारी (AI Generated Photo)
Income Tax Raid: दिवाली के लिए कुछ ही दिन शेष बचे हैं। दिवाली के पूर्व आयकर विभाग काफी सक्रिय हो गया है। काफी समय से विभाग की ओर से कोई हलचल नहीं हो रही थी लेकिन पिछले कुछ ही दिनों में 2 बड़े घरानों पर छापेमारी कर शहर में हलचल पैदा कर दी है। मंगलवार को रायसोनी समूह के श्रद्धा एआई पर विभाग ने धावा बोला।
किंग्सवे स्थित श्रद्धा हाउस कार्यालय में सुबह-सुबह ही 20-25 अधिकारी पहुंच गए। इस बार भी मुंबई की टीम ने कार्रवाई की है। सूत्रों के अनुसार समूह के केवल एक परिसर को ही कार्रवाई में शामिल किया गया है। दिनभर जांच करने के बाद अधिकारी शाम में निकल भी गए। रायसोनी समूह पर नहीं, यह श्रद्धा एआई पर हुई कार्रवाई बताई जा रही है।
श्रद्धा एआई का आईपीओ
उल्लेखनीय है कि हाल ही में श्रद्धा एआई का आईपीओ भी लाया गया है जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला। इस बीच यह भी चर्चा है कि कॉन्फिडेंस समूह में मिले कागजात के बाद श्रद्धा एआई में छापेमारी की गई है। दोनों रेड को जोड़कर ही देखा जा रहा है।
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हर बार मुंबई से आ रही टीम
पिछले दोनों कार्रवाई मुंबई की टीम ने की है। यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि नागपुर की टीम को छोड़ मुंबई की टीम क्यों कार्रवाई कर रही है। जानकारों का कहना है कि नागपुर की अधिकांश कंपनियों ने मुंबई में कार्यालय दिखाया है जिसके कारण वे मुंबई के अधीन हैं और वहीं के अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं।
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कांट्रेक्टर बियानी की पुलिस हिरासत बढ़ी
शासकीय ठेकेदार पेनामाचा उर्फ मुन्ना वर्मा (61) की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए कांट्रेक्टर राधेश्याम बियानी (57) को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसकी पुलिस हिरासत बढ़ा दी है। ज्ञात हो कि वर्मा की आत्महत्या के बाद उनकी पत्नी ने 10 लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे जिनकी वजह से वर्मा ने आत्महत्या की थी।
इस मामले में पहले पुसद अर्बन को ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष शरद मैंद और मंजीत वाड़े को गिरफ्तार किया गया था। दोनों सलाखों के पीछे हैं। इस बीच बियानी की भूमिका सामने आई। वर्मा की आत्महत्या के पहले बियानी उनसे मिला था। वर्मा की कुछ वस्तुएं भी बियानी के पास मिलीं, जबकि बियानी ने अपने बयान में वर्मा से केवल एक बार मुलाकात होने की जानकारी दी थी।
संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने बियानी को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने उसे 14 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया था। मंगलवार को दोबारा न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने जांच के लिए कस्टडी बढ़ाने की मांग की। न्यायालय ने उसे 16 अक्टूबर तक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
