नागपुर जोन में टैक्स वसूली बढ़ी, कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर; फिर भी कॉरपोरेट टैक्स टारगेट से पीछे
Nagpur Tax Collection News: नागपुर जोन में आयकर वसूली बढ़ी, लेकिन कॉरपोरेट टैक्स लक्ष्य से पीछे रहा। व्यक्तिगत आयकर में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर जोन, आयकर वसूली,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Corporate Tax: नागपुर एक और देश में कर वसूली में जबदस्त तेजी देखने को मिल रही है वहीं नागपुर जोन में कमोबेश “स्थिरता’ की स्थिति दिखाई दे रही है। कंपनियों का बेहतर प्रदर्शन नहीं होने से कॉरपोरेट टैक्स अपने टारगेट से पिछड़ गया है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इजाफा हुआ है लेकिन टारगेट को हासिल नहीं किया जा सका। वहीं व्यक्तिगत आयकर वसूली में भी मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में महज 442. 44 करोड़ रुपये की तेजी दर्ज की गई है।
2024-25 में नागपुर जोन का राजस्व 12,168 करोड़ रुपये रहा था जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 12,610 करोड़ पर पहुंच गया है। इसमें कॉरपोरेट सेक्टर का योगदान 4,596.77 करोड़ रहा है, जबकि व्यक्तिगत राजस्व 8,013,84 करोड़ रुपये रहा। आरटीआई में संजय धूल द्वारा मांगी गई जानकारी में विभाग ने जो आंकड़े दिए हैं उससे पता चलता है कि व्यक्तिगत राजस्व में काफी कम इजाफा देखने को मिल रहा है।
2023-24 में 8,056 करोड़, 2024-25 में 8,008 करोड और अब 2025-26 में 8,013 करोड़ ही सहा है। आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि इस जोन में पिछले 3 वर्षों के दौरान व्यक्तिगत आय में बहुत अधिक बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि व्यक्तिगत श्रेणी में राजस्व में इजाफा नहीं हो पा रहा है। हालांकि कॉरपोरेट टैक्स में इजाफा देखने को मिला है।
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2023-24 में 3,330 करोड़ था जो 2024-25 में 4,159 करोड़ रहा और अब 2025-26 में यह 4,596 करोड़ रुपये पहुंच गया है। जानकारों ने बताया कि नागपुर और जोन के कई बड़े उद्योग समूह ने खुद का पंजीयन मुंबई में करा लिया है जिसके कारण नागपुर जोन को राजस्व बढ़ाने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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ये कॉरपोरेट सीचे मुंबई में कारों का भुगातन करते है जिससे नागपुर जोन खाली हाथ रह जाता है, वैसे भी इस वर्ष कुछ बड़ी कंपनियों का कारोबार, उत्पादन काफी कम हुआ है जिसका असर जीएसटी राजस्व में भी देखने को मिला है।
रिफंड की स्थिति (करोड़ में)
| वर्ष | कॉरपोरेट टैक्स | व्यक्तिगत टैक्स |
|---|---|---|
| 2023–24 | 571.45 | 2,442.33 |
| 2024–25 | 568.55 | 2,955.30 |
| 2025–26 | 427.59 | 2,786.76 |
रिफंड भी तगड़ा
लगभग 12,000 करोड़ में से विभाग को वर्ष के दौरान 3,200 से 3,500 करोड रुपये का रिफंड भी करना पड़ता है। 2025-26 में विभाग की ओर से जोन में 3,214 करोड़ रुपये का रिफंड किया गया था, जबकि उससे पहले वर्ष 2024-25 में विभाग द्वारा 3,523 करोड़ रुपये का रिफंड किया गया था
