स्मार्ट सिटी या खतरे का शहर? नागपुर में ओवरहेड केबल्स पर सवाल, मनपा की लापरवाही उजागर
Nagpur Smart City: नागपुर में बिजली और पथदीप खंभों पर लटक रहे अनधिकृत ओवरहेड केबल्स को मनपा ने अतिक्रमण माना है। आरटीआई खुलासे ने स्मार्ट सिटी दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
अनधिकृत केबल्स, स्मार्ट सिटी नागपुर,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Illegal Overhead Cables: उपराजधानी नागपुर शहर की ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के सपने दिखाए जा रहे हैं, दूसरी ओर पूरा शहर अनधिकृत ‘ओवरहेड केबल्स’ यानो सड़कों पर जानलेवा जाल में फंसा हुआ है। शहर के बिजली और पथदीपों के खंभों पर लटक रहे इन अनधिकृत केबल्स के लिए मनपा ने किसी को भी अनुमति नहीं दी है और यह सीधे तौर पर ‘अतिक्रमण’ होने का चौंकाने वाला खुलासा खुद मनपा ने ही किया है।
आरटीआई एक्टिविस्ट अभय कोलारकर द्वारा किए गए लगातार प्रयासों से मनपा का यह ढीला-ढाला कामकाज उजागर हुआ है। इससे शहर को सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वाली और कभी भी बड़े हादसे को न्योता देने वाली इन जानलेवा तारों को लेकर मनपा प्रशासन की पोल खुल गई है।
17 वर्षों से केवल कागजी लिखा-पढ़ी: मनपा द्वारा सूचना के अधिकार में दिए गए जवाब से इस मामले की सच्चाई सामने आई है। शहर के खंभों पर टीवी और इंटरनेट के अनधिकृत केबल डालने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करने के लिए मनपा ने सबसे पहले वर्ष 2009-10 में सार्वजनिक सूचना जारी कर 7 दिनों के भीतर केबल हटाने के आदेश दिए थे।
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इसके बाद पूरे 6 वर्ष बाद यानी 2016 में एक बार फिर वही सूचना जारी की गई लेकिन उसके बाद भी आदेशों का पालन शून्य ही रहा। यदि 2009 में ही ये तार अनधिकृत थे तो 2016 तक और अब 2026 आ जाने के बाद भी इन केबल कंपनियों पर ‘सीधी फौजदारी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इस गंभीर सवाल पर मनपा ने चुप्पी साधना ही उचित समझा है।
‘हैदराबाद पैटर्न’ के नाम पर समय काटने की कोशिश ?
शहर में इस खतरे को टालने के लिए मनपा ‘हैदराबाद पैटर्न’ की तर्ज पर अंडरग्राउंड डक्ट (भूमिगत वाहिनी) तैयार करने की बाते कर रही है लेकिन वास्तव में इस संदर्भ में विद्युत विभाग की ओर से अब तक कोई बैठक या ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने की बात खुद मनपा ने स्वीकार की है, इसलिए जब तक कोई अनुचित घटना नहीं होती या कोई बड़ा हादरत होकर किसी की जान नहीं जाती, तब तक क्या मनपा प्रशासन जागेगा नहीं? ऐसा आक्रोशपूर्ण सवाल नागरिक उठा रहे हैं।
चारों ओर घिरने के बाद ‘पुनश्च’ आश्वासन !
- सूचना के अधिकार में चारों तराफ से घिरने के बाद अब मनपा ने विद्युत और अग्निशमन समिति के मार्गदर्शन में नई नियमावली तैयार करने की बात कही है।
- इसके तहत संबंधित केबल कंपनियों को 7 दिनों की अंतिम नोटिस देकर केबल हटाने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि कंपनियों ने केबल नाहीं हटाए तो मनपा स्वयं यह अतिक्रमण हटाएगी।
- मनपा की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इसके लिए अतिक्रमण विभाग और सभी जोन के सहायक आयुक्तों को ‘पुनश्च आदेश जारी किए जाएंगे,
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- महत्वपूर्ण बात यह है कि मनपा ने इससे पहले 2009 और 2016 में भी नोटिस जारी किए थे लेकिन आज इतने वर्षों बाद भी स्थिति “जैसे थे’ बनी हुई है।
- रिलायंस जियों जैसी बड़ी कंपनियों को 2014 में दी गई ‘अस्थायी’ अनुमति का आगे क्या हुआ? यह और ऐसे कई सवाल आज भी अनुत्तरित है।
