नागपुर IIM Convocation: पहली Executive PhD 443 छात्रों ने ली उपाधि, फ्रांस के छात्र भी शामिल

MIHAN Nagpur Dual Degree Program: आईआईएम नागपुर के 10वें दीक्षांत समारोह में 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। इस वर्ष संस्थान ने पहली Executive PhD डिग्री भी प्रदान की।
Nagpur IIM Convocation: First Executive PhD — 443 Students Awarded Degrees, Including Students from France
आईआईएम नागपुर, दीक्षांत समारोह,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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IIM Nagpur Convocation Ceremony: मिहान स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) नागपुर का 10वीं दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। इसमें 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। समारोह में प्रबंधन शिक्षा, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में आईआईएम नागपुर की निरंतर प्रगति रेखांकित हुई।

उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एमबीए 2024-26 बैच के 347 विद्यार्थियों, नागपुर और पुणे स्थित एग्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रमों के 95 विद्यार्थी, साथ ही एक एग्जीक्यूटिव पीएच। डी। शोधार्थी शामिल रहे। खास बात यह रही कि आईआईएम नागपुर ने इस वर्ष अपनी पहली एग्जीक्यूटिव पीएच.डी. यानी आचार्य उपाधि प्रदान की। साथ ही फ्रांस के 2 विद्यार्थियों ने संस्थान के अंतरराष्ट्रीय उपक्रम अंतर्गत ड्युअल डिग्री कार्यक्रम पूरा कर उपाधि ग्रहण की।

आईआईएम नागपुर समारोह में नेतृत्व और सफलता के मंत्र साझा

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। समारोह में मुख्य अतिथि जेएसडब्ल्यू ग्रुप के अध्यक्ष सज्जन जिंदल तथा विशेष अतिथि सिग्मा कैपिटल लिमिटेड के अध्यक्ष देवेन जे। मेहता थे। आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेत्री, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष सीपी गुरनानी, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य तथा प्राध्यापकगण मंचासीन थे।

इस दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सज्जन जिंदल ने कहा कि महान नेतृत्व केवल बड़े निर्णयों वाली बोर्डरूम बैठकों में नहीं बनता बल्कि कम जोखिम वाली छोटी बैठकों में बिना किसी की नजर में आए लिए गए असंख्य निर्णयों से आकार लेता है।

उन्होंने कहा कि बोर्डरूम में कई बार महत्वपूर्ण निर्णय सहजता से लिए गए लगते हैं लेकिन उनके पीछे वर्षों का अनुभव, तपस्या, अभ्यास और सुधार होते हैं। देवेन मेहता ने भी विद्यार्थियों से अपने व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन की यात्रा में 4 महत्वपूर्ण सफलता मंत्र 'ईमानदारी, कड़ी मेहनत, विश्वास और साहस' साथ रखने का आह्वान किया। डॉ. सीपी गुरनानी ने स्वागत भाषण दिया।

आईआईएम नागपुर में रिकॉर्ड प्लेसमेंट, छात्रों को सम्मान

इस वर्ष आईआईएम नागपुर को 6 अंतरराष्ट्रीय ऑकर प्राप्त हुए साथ ही संस्थान ने वार्षिक 73.17 लाख रुपए का सच पैकेज दर्ज किया इस प्लेसमेंट प्रक्रिया में 250 से अधिक असगी कंपनियों ने भाग लिया।

समानरोह में शैक्षणिक प्रदर्शन, सर्वांगीणता और विभिन्न विशेष क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया

प्रशांत गुप्ता की एमबीए कार्यक्रम में सर्वोत्तम शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नागपुर गोला मेडल और रायसोनी एजुकेशन के सहयोग से प्रदान किया जाने वाला 5 लाख रुपए का जीएव रायसोनी मेरिट अवॉर्ड प्रदान किया गया।

सोमानी शुभ को दूसरे सर्वोत्तम शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए जीएच रायसोनी गोल्ड मेडल प्रदान किया गया, शिवम बंद को सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए इंडियन इंस्टीट्‌यूट ऑफ मैनेजमेंट नागपुर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।

एग्जीक्यूटिव एमबीए विभाग में पूर्ण 2023-25 बैच के योगेश माववराव दाभोणकर और अनुरूप अजमेरा को गुणवता के आधार पर संयुक्त रूप से शैक्षणिक प्रदर्शन पुरस्कार प्रदान किया गया, नागपुर 2023-25 बैच के विष्णु कांत और पुगे 2024-26 चैव की अंकिता यादव को भी उनकी संबंधित बैच में शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

निरंतर पढ़ाई की दिलचस्पी से मिली ऊर्जा

एम्जीक्यूटिव एमबीए विभाग में पुणे 2023-25 बैच के गोल्ड मेडलिस्ट योगा माधवराव वाधोगकर ने कहा कि ये अपनी सफलता से बहुत खुश हैं। पुणे की एटलास कोपको प्रा।लि। में आर पड डी हेड पद पर कार्यरत वाचोणकर ने कहा कि उन्होंने शनिवार और रविवार के दिन को पढ़ाई का शेड्यूल बना लिया और कोचिंग से उन्हें काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि नौकरी करते हुए पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण हो रहा लेकिन निरंतर पढ़ाई करने की दिलवस्थी ने उन्हें ऊर्जा दी।

मनपा आयुक्त को एग्जीक्यूटिव एमबीए उपाधि

नागपुर के जिलाधिकारी के रूप में प्रशासकीय जिम्मेदारियों को बखूबी उठाते हुए आईआईएम नागपुर से एग्जीक्यूटिव एमचीए की पढ़ाई पूर्ण करने पर दीक्षांत समारोह में वर्तमान में नागपुर महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर को भी उपाधि देकर सम्मानित किया गया। इटनकर इस दौरान समारोह में अन्य विद्यार्थियों के साथ ही बैठे रहे। विपिन इटनकर ने कहा कि उन्होंने छुट्टियों के अलावा शनिवार, रविवार के दिन अपनी पढ़ाई पर फोकस किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासकीय कार्य करते हुए भी संस्थान में 70 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई, डॉ. विपिन इटनकर की यह उपलब्धि निश्चित ही लोगों के लिए प्रेरणादायी होगी।

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