भीषण गर्मी में लीची की डिमांड हाई, नागपुर के बाजारों में लाल फल की बहार; कीमतें छू रहीं आसमान

Nagpur Lychee Market: नागपुर में भीषण गर्मी के बीच लीची की मांग बढ़ गई है। खुदरा बाजार में इसकी कीमत 250 से 300 रुपए किलो तक पहुंच गई है और शहरभर में ठेलों पर बिक्री बढ़ी है।
Soaring Demand for Lychees Amidst Scorching Heat: Nagpur Markets Abound with the Red Fruit as Prices Skyrocket.
नागपुर लीची, फलों का बाजार, (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Lychee Demand Price: नागपुर चिलचिलाती गमों के बीच शहर के बाजारों में अब लीची की मिठास भी बढ़ गई है। इस गर्मी में लोची लोगों को ठंडक पहुंचा रही है। हालांकि इसके दाम आसमान छू रहे है। खुदरा में लीची 250 से 300 रुपए प्रति किलो बिक रही है। जगह-जगह लीची से सजे ठेले बाजारों से लेकर चौक चौराहों तक दिखाई देने लगे हैं।

शहर में इन दिनों बड़े पैमाने पर लीची को आवक हो रही है जिसके चलते जगह-जगह फलों के ठेले और दुकानों पर ताजी लाल लीचियां नजर आने लगी हैं। सीताबर्डी, धरमपेठ, सदर, मानेवाड़ा, जरीपटका, इमामवाड़ा, मेडिकल चौक, प्रतापनगर, नरेंद्रनगर, कमाल चौक, छावनी, महल और गणेशपेठ जैसे इलाकों में सुबह से लेकर देर शाम तक लीची बेचने वाले ठेले दिखाई दे रहे हैं।

शहर के फल विक्रेताओं के अनुसार लीची मुख्य रूप से बिहार सहित उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से नागपुर पहुंच रही है। लीची के आवक कलमना मार्केट के अलावा ट्रेन के माध्यम से भी हो रही है। चूंकि इसे बहुत संभालकर लाना होता है, इसलिए इसकी आयक ट्रक की बजाय ट्रेन से ज्यादा हो रही है।

फल व्यापारी राजेश जबरानी ने कहा कि नागपुर में लीची की आवक मुख्य रूप से मुजफ्फरनगर से हो रही है। मौसम के अनुसार अभी इसकी आवक बनी हुई है जो पहली बारिश होने तक जारी रहेगी, नागपुर में लीची की मांग सीमित है जिससे प्रति दिन लगभग 2 से 3 ट्रक माल ही आता है। यह माल धूप में खराब होने से बचाने के लिए ज्यादातर रेलवे के माध्यम से मंगाया जा रहा है। मौसमी फल के रूप में लीची को लोग पसंद करते हैं।

-फल व्यापारी, राजेश छाबरानी

बच्चों और युवाओं में लीची का आकर्षण

खासकर बच्चों और युवाओं में लीधी को लेकर खास आकर्षण देखा जा रहा है। शहर के बाजारों में आम, तरबूज और खरबूजे के साथ अब लीधी भी लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है।

सड़क किनारे लगे ठेलों पर लीची की सजावट ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। शाम के समय लोग परिवार के साथ वखरीदारी करते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर छोटे व्याधारियों ने अस्थायी फल स्टॉल भी शुरू कर दिए है।

महंगाई की वजह से बिक्री में उठाव नहीं

छिदवाड़ा रोड, मनोरुग्णालय के पास लीची बेच रहे विक्रेता ने लक्ष्मण साहू ने बताया कि पिछली बार की तरह इस साल भी लोधी के दाम 250 से 300 रुपए प्रति किली है। लीची दाम महंगा होने से इसके ग्राहक बहुत सीमित मिल रहे है। 15 दिन पहले से ही लीची की अवाक शुरू हुई है। रोजाना 30 से 40 किलो लीची बिक रही है। महंगाई की वजह से बिक्री में उठाव नहीं है।

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