आईसीआईसीआई बैंक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
ICICI Bank EOW Investigation: नागपुर में नकली सोना को असली बताकर ICICI बैंक को 23 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले 2 ऑडिटर को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में लालगंज, मेहंदीबाग रोड निवासी प्रमोद भैया टेटे और किरनापुर, हुड़केश्वर खुर्द निवासी राजेंद्र पुंडलिकराव शिलनकर का समावेश है।
ज्ञात हो कि बीते सप्ताह ईओडब्लू ने ICICI बैंक के जोनल हेड धनंजय थिटे की शिकायत पर इन दोनों आरोपियों समेत बैंक के प्रथम ऑडिटर नंदू खरवड़े, धनंजय ढोमने, पंकज केकतपुरे, सचिन राऊत और 152 खाता धारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 18 अक्टूबर 2025 को थिटे ने विक्की विश्वकर्मा को बतौर ऑडिटर नियुक्त किया था।
उन्होंने विश्वकर्मा को कुछ गोल्ड पैकेट निकालकर जांच करने दिए। जांच करने पर विश्वकर्मा ने सोना नकली होने की जानकारी दी। इसका पता चलने पर थिटे ने मनीषनगर शाखा में 20 से 27 अक्टूबर के बीच जमा हुए 123 गोल्ड पैकेट की जांच कराई। विश्वकर्मा ने 32 पैकेट का सोना नकली होने की जानकारी दी।
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बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद थिटे ने सभी 9 शाखाओं में गिरवी रखे गए सोने का ऑडिट करने को कहा जिसमें 159 पैकेट का सोना नकली होने की बात सामने आई। आंतरिक जांच के बाद ICICI बैंक द्वारा पुलिस से शिकायत की गई। उपरोक्त आरोपियों ने पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत बैंक को नुकसान पहुंचाने के लिए नकली सोना गिरवी रखा, जिससे बैंक को 23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
ईओडब्लू ने गुरुवार को प्रमोद टेटे और शिलनकर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 3 दिन की पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए। ईओडब्लू के प्रभारी डीसीपी दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में एपीआई संतोष तोकलवाड, कांस्टेबल राघोजी चिलगर और भाउराव देशमुख ने कार्रवाई को अंजाम दिया।