

Government Exam Paper Leak Action: सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहीं गड़बड़ियों, पेपर लीक और सुरक्षा संबंधी खामियों पर अब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भर्ती परीक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए पूरी प्रक्रिया की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 सितंबर को शासन निर्णय जारी कर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति मौजूदा व्यवस्था की कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस उपाय सुझाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी।
सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा की अध्यक्षता वाली समिति में पुलिस महासंचालक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, सचिव एन। रामास्वामी, विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, सेवानिवृत्त एयर मार्शल अजीत शंकरराव भोसले तथा आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर श्यामप्रसाद करगड्डे शामिल हैं।
प्रश्नपत्र से परिणाम तक निगरानी समिति विभिन्न सरकारी विभागों और परीक्षा संस्थाओं द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षण और मॉडरेशन, छपाई या डिजिटल वितरण, गोपनीय रखरखाव, सुरक्षित परिवहन, परीक्षा संचालन, उत्तरों की रिकॉर्डिंग, मूल्यांकन और परिणाम घोषित होने तक प्रत्येक चरण की समीक्षा की जाएगी। इससे व्यवस्था में मौजूद उन कमजोर कड़ियों को सामने लाने में मदद मिलेगी जिनका फायदा उठाकर परीक्षा में गड़बड़ी की जाती है।
महाराष्ट्र राज्य में परीक्षा केंद्रों के चयन से लेकर वहां उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति और कार्यक्षमता के न्यूनतम मानक तय करने की सिफारिश की जाएगी।
जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग और परीक्षा संस्थाओं के बीच समन्वय की मौजूदा व्यवस्था की भी समीक्षा होगी, ताकि परीक्षा के दौरान किसी स्तर पर जिम्मेदारी टालने की गुंजाइश न रहे। परीक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षित ही नहीं बल्कि उम्मीदवार-केंद्रित बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। समिति अभ्यर्थियों के सुझावों और अनुभवों को ध्यान में रखकर व्यवस्था में सुधार के उपाय सुझाएगी।