

Nagpur Government Quarters PIL: नागपुर शहर की विभिन्न सरकारी वसाहतों की बदहाल और जर्जर स्थिति को लेकर समाचार पत्रों में छपी खबर पर स्वयं संज्ञान लेते हुए न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर लिया, साथ ही इसे जनहित याचिका के रूप में कोर्ट के समक्ष प्रेषित करने के लिए अदालत मित्र के रूप में अधि।
आस्था शर्मा और अधि, धनश्री नागुलकर की नियुक्ति भी की। समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार शहर के विभिन्न सरकारी विभागों की कॉलोनियों की दयनीय स्थिति, पुरानी और जीर्ण-शीर्ण इमारतों, बुनियादी सुविधाओं की कमी और रखरखाव के अभाव से पैदा हुई समस्याओं को उजागर किया गया था।
खबर के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों जैसे पुलिस, बीएसएनएल, रेलवे, वन विभाग, एसटी महामण्डल और चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए ये कॉलोनियां बनाई गई थीं।
इनमें से कई इमारतों की उम्र पूरी हो चुकी है लेकिन फिर भी केवल मामूली मरम्मत करके काम चलाया जा रहा है। इमारतों के खतरनाक स्थिति में होने के बावजूद वैकल्पिक आवास की व्यवस्था न होने के कारण कर्मचारी अपने परिवारों के साथ इन्हीं जर्जर इमारतों में रहने को मजबूर हैं।
सरकारी कर्मचारी और अधिकारी किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। सरकार ने उनके सुरक्षित और स्वच्छ निवास के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके इन कॉलोनियों का निर्माण किया था। इसके बावजूद उचित देखरेख और रखरखाव के अभाव में इन परिसरों की हालत बद से बदतर हो गई है, जिस पर अब न्यायालय ने हस्तक्षेप किया है।
पुलिस कॉलोनी पुलिस लाइन टाकली, रघुजीनगर, लकड़गंज, और पांचपावली
एसटी महामण्डल कॉलोनी: गणेशपेठ
सरकारी कर्मचारी कॉलोनी: रविनगर और राजनगर
चिकित्सा कर्मचारी व डॉक्टर कॉलोनी : अजनी
वन विभाग कॉलोनी: लालगोदाम, इंदोरा चौक
वन अधिकारी कॉलोनी सिविल लाइंस
सेंट्रल जेल कॉलोनी: अजनी
डाक विभाग कर्मचारी कॉलोनी : सक्करदरा
एलआईसी कर्मचारी कॉलोनी : सिविल लाइंस, धंतोली
भारतीय रिजर्व बैंक कॉलोनी : सिविल लाइंस
बीएसएनएल कॉलोनी सिविल लाइंस
सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग
कॉलोनी : रविनगर
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय कॉलोनी : अमरावती रोड