वेतन नहीं मिला तो थमा काम, 1200 सफाई कर्मियों की हड़ताल, नागपुर में कचरा संकट गहराया

Nagpur Sanitation Workers Strike: रुके वेतन और छुट्टियों के भुगतान की मांग को लेकर एजी इनवायरो के करीब 1200 कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। हड़ताल से नागपुर के कई इलाकों में कचरा संकलन ठप हो गया है।
Work halted over unpaid wages; 1,200 sanitation workers on strike; garbage crisis deepens in Nagpur.
नागपुर मनपा, वेतन बकाया, सफाई कर्मी हड़ताल, (सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Municipal Corporation: नागपुर शहर में घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने वाले लगभग 1200 कर्मचारियों ने अपने रुके हुए वेतन और अर्जित छुट्टी (ईएल) व आकस्मिक छुट्टी के पैसों का भुगतान न होने के कारण अचानक 'काम बंद' आंदोलन शुरू कर दिया। शहर के कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाली 2 कंपनियों में से एक 'एजी इनवायरो' कंपनी के कर्मचारियों की इस हड़ताल ने सिटी की स्वच्छता व्यवस्था पर ब्रेक लगा दिया है।

उल्लेखनीय है कि कचरा संकलन करने वाली बीवीजी कम्पनी और एजी इनवायरो कम्पनी की कार्यप्रणाली हमेशा से ही विवाद का विषय बनी रही है। हालांकि इन कम्पनियों को बदलने के लिए मनपा की सभा में कई बार निर्देश दिए गए, किंतु इन निर्देशों पर अब तक अमल नहीं हो पाया। बहरहाल नए विवाद के चलते अब सिटी की जनता को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है जबकि मनपा के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

इन इलाकों में दिखा सबसे ज्यादा असर

आंदोलन का सबसे बुरा प्रभाव महानगर पालिका के लक्ष्मीनगर, धरमपेठ,नेहरूनगर, धंतोली और हनुमाननगर सहित 5 जोनों में देखने को मिला। इन इलाकों की बस्तियों में नियमित कचरा संकलन न होने से सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे चारों ओर भारी दुर्गंध और अस्वच्छता की समस्या पैदा हो गई है। घरों से कचरा न उठने के कारण नागरिकों के घरों में भी कचरा जमा हो गया है और उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पर बड़े प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

कर्मचारियों और यूनियन की चेतावनी

कर्मचारियों की न्यायिक मांगों को लेकर लड़ने वाले संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि समय पर वेतन और बकाया छुट्टियों का पैसा पाना मजदूरों का मौलिक अधिकार है और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह काम बंद आंदोलन जारी रहेगा, कर्मचारियों का यह भी आरोप था कि मनपा प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर लगातार अनदेखी कर रहा है।

काम पर नहीं लौटे कर्मचारी

जोन 1 से 5 में कार्यरत कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन और अन्य लंबित मुद्दों को लेकर हडताल की थी। कर्मचारियों का वेतन शुक्रवार को वितरित कर दिया गया था। घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के उपायुक्त राजेश भगत ने कहा कि सभी कर्मचारी शनिवार से काम पर लौट आएंगे। हालांकि, कर्मचारी शनिवार को भी काम पर नहीं लौटे।

कचरा संकलन की वैकल्पिक व्यवस्था

करने हड़ताल अभी खत्म नहीं हुई है। मनपा ने विभिन्न बस्तियों में अपने वाहन भेजकर कचरा इकट्ठा की वैकल्पिक व्यवस्था की है। कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा एक महत्वपूर्ण मुद्दा था, जिसे कल सुलझा लिया गया, वेतन हर महीने की 10 तारीख को दिया जाता है।

इस महीने यह 2 दिन देरी से यानी 12 तारीख को दिया गया, उम्मीद थी कि वेतन मिलने के बाद कर्मचारी काम पर लौट आएंगे, लेकिन ये नहीं आए। इससे घरों से कचरा इकट्ठा करने के काम पर असर पड़ेगा।

- मुख्य स्वच्छता अधिकारी, डॉ. गजेंद्र महल्ले 

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