हथियारों की तस्करी में धरी गई गैंग, 4 गिरफ्तार, 4 पिस्तौल और 9 कारतूस जब्त
- Written By: नवभारत डेस्क
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नागपुर. तस्करी कर शहर में हथियार बेचने वाली गैंग को क्राइम ब्रांच के यूनिट- 4 की टीम ने दबोच लिया. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 पिस्तौल और 9 कारतूस जब्त किए हैं. लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही हुई यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था के मद्देनजर महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
पकड़े गए आरोपियों में मेकोसाबाग निवासी सिकंदर उर्फ शेखू सैफुद्दीन खान (38), बेजनबाग निवासी अंकित सुनील वाल्मिकी (23), बोरकरनगर, बारा सिग्नल निवासी सनी गणेश तोमस्कर (22) और कामनानगर निवासी आदित्य हेमराज पडोले (20) का समावेश है. उनके साथी बेलाबाग चौक, जबलपुर निवासी मुकुल समद और बैतूल निवासी अमन खोरडे फरार बताए जा रहे हैं. सिकंदर और अंकित के खिलाफ इसके पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हो चुके हैं.
अंकित मूलत: मध्य प्रदेश का रहने वाला है. मुकुल उसका रिश्तेदार है. मुकुल और बैतूल का अमन हथियारों की तस्करी करते हैं. बताया जाता है कि दोनों अंकित के जरिए शहर के कई अपराधियों को हथियार बेच चुके हैं. पीएसआई अविनाश जायभाये और हेड कांस्टेबल रोशन तिवारी को जानकारी मिली थी कि कुछ दिन पहले सिकंदर ने अंकित से 2 हथियार मांगे थे. अंकित ने मुकुल और अमन के जरिए हथियारों का प्रबंध किया. पता चला कि शनिवार देर रात हथियारों की डील होने वाली है. यूनिट-4 की टीम ने मेकोसाबाग पुलिया के समीप जाल बिछाया. चारों आरोपी एक एसयूवी गाड़ी में वहां पहुंचे और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.
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तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 2 पिस्तौल जब्त की गईं. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के घर में दबिश दी. तलाशी में 2 और पिस्तौल बरामद हुईं. पुलिस अब तक 4 पिस्तौल, 9 कारतूस 2 वाहन और 4 मोबाइल फोन सहित 13.39 लाख रुपये का माल जब्त कर चुकी है. आगे की जांच के लिए आरोपियों को जरीपटका पुलिस के हवाले किया गया.
रविवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है. मुकुल और अमन के पकड़े जाने पर और भी हथियार मिल सकते हैं. डीसीपी निमित गोयल के मार्गदर्शन में पीएसआई अविनाश जायभाये, हेड कांस्टेबल रोशन तिवारी, सुनील ठवकर, अतुल चाटे, देवा ठोंबरे, चेतन पाटिल, सत्येंद्र यादव और बांते ने कार्रवाई की.
