कानों-कान खबर नहीं और जमा हो गए 1300 करोड़! गड़चिरोली को-ऑप. बैंक में हजारों संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा
Gadchiroli District Co-operative Bank Raid: गड़चिरोली को-ऑपरेटिव बैंक में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई। 1,300 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा। 5-5 करोड़ नकद जमा करने वाले खाताधारकों पर शिकंजा।
- Written By: प्रिया जैस
गड़चिरोली जिला सहकारी बैंक पर छापा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Income Tax ICIW Nagpur: नागपुर के सहकारी बैंकों में नकदी जमा करने के दौरान लोगों को यह उम्मीद रहती है कि इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। सहकारी बैंकों से ‘नजदीकियां’ काफी काम की होती हैं और यही कारण है कि छोटे-छोटे बैंकों में भी भरपूर रकम जमा होती है। ‘संबंधों’ के कारण संचालक भी अपने हितचिंतकों की पूरी चिंता करते हैं।
उन्हें मालूम होता है कि यही लाखों और करोड़ों में धन जमा करने वाले हैं। लेकिन अब आयकर विभाग का इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग (आईसीआईडब्ल्यू) काफी सक्रिय हो गया है और एक के बाद एक मामलों को उजागर कर रहा है।
हजारों ट्रांजेक्शन आए सामने
गड़चिरोली डिस्ट्रिक्ट को-ऑप. बैंक में की गई छापेमारी के दौरान पता चला कि एक-एक खाते में साल में 5-5 करोड़ रुपये नकद जमा कराए गए हैं और इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी गई है। ऐसे हजारों ट्रांजेक्शन होने का मामला सामने आया है। पहले अनुमान में विभाग को 1,300 करोड़ से अधिक अघोषित (अन रिपोटेड) नकदी जमा का पता चला है। यह राशि पिछले 5 वर्षों के दौरान विभिन्न खातों में जमा की गई थी लेकिन इसकी सूचना आयकर विभाग को नहीं दी गई थी।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर से सरकारी बस उड़ा ले गया तेलंगाना का शातिर चोर, रास्ते में सवारियां भी बिठाईं; अमरावती में गिरफ्तार
Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में अगले 4 दिन होगी आफत की भारी बारिश! इन जिलों में अलर्ट जारी
वो शरणार्थी नहीं, धर्म के योद्धा थे! भारत-पाक विभाजन पर बोले RSS चीफ मोहन भागवत, सिंधी समाज को लेकर कही ये बात
कोटेदारों ने की मुख्य सचिव से शिकायत, सड़े गले चावल कैसे बांटे साहब, इसे जानवर ही खा सकते हैं, गरीब लोग नहीं
पैसा कहां मिला
300 करोड़ रुपये चालू खातों में, 600 करोड़ रुपये बचत खातों में और 200 करोड़ रुपये टर्म डिपॉजिट में अघोषित रूप से पाए गए। इसी प्रकार ब्याज के रूप में 200 करोड़ रुपये देने का मामला भी सामने आया है। यह राशि बैंक की कुल जमा राशि के लगभग बराबर बताई जा रही है।
यह भी पढे़ं – NCP विलय का रास्ता साफ! 80% विधायक तैयार, अजित के करीबी के दावे से मची हलचल, तटकरे बोले- BJP से पूछना पड़ेगा
जांच का कारण
बैंकों द्वारा स्टेटमेंट आफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) में 50 लाख या उससे अधिक (चालू खाते) और 10 लाख या उससे अधिक (बचत खाते) की नकदी जमा की जानकारी न देना या नकद लेन-देन में विसंगतियां मिलना, इस जांच का मुख्य कारण है। आयकर विभाग पूरे विदर्भ क्षेत्र में सहकारी बैंकों की जांच तेज कर दी है। 10 से अधिक बैंकों में छापेमारी हो चुकी है जिसमें 10,000 करोड़ से अधिक ऐेसे मामलों का पता चला है।
