Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

NAI को डेटा देते समय उचित प्रक्रिया का पालन करें

  • Written By: नवभारत स्टाफ
Updated On: Jun 22, 2022 | 02:07 AM

File Photo

Follow Us
Close
Follow Us:

नागपुर. नक्सली गतिविधियों के लिए जेल में बंद दिल्ली के प्रोफेसर एवं माओवादी जी.एन. साईंबाबा और अन्य की ओर से गुरुवार को फिर एक बाद जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दायर की गई. याचिका पर सुनवाई के दौरान बताया गया कि हाई कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक डेटा याचिकाकर्ता को भी उपलब्ध कराने के रजिस्ट्री को आदेश तो दिए लेकिन इलेक्ट्रॉनिक डेटा अब तक उपलब्ध नहीं हुआ. जिस पर न्यायाधीश सुनील शुक्रे और न्यायाधीश जी.ए. सानप ने कहा कि रजिस्ट्री को इलेक्ट्रॉनिक डेटा उपलब्ध हो चुका है. यहां तक कि रजिस्ट्री को डेटा उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए जा चुके हैं. नेशनल इन्वेस्टिंग एजेन्सी को इलेक्ट्रॉनिक डेटा उपलब्ध कराते समय उचित प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करने के आदेश भी दिए. उल्लेखनीय है कि मुंबई स्थित नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने 26 अगस्त 2020 को ही शपथपत्र दायर किया था. जिसमें इलेक्ट्रॉनिक डेटा की सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी.

मुंबई में लंबित मामले के लिए जरूरी

गत सुनवाई के दौरान अदालत का मानना था कि मुंबई में एक मामला लंबित है. जिसकी सक्षम पैरवी करने के लिए एनआईए को इन सबूतों की आवश्कता है. हालांकि 2 वर्ष पूर्व ही अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक डेटा के सबूत देने की मांग की थी. किंतु अब तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं. मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधि. दवे ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के तौर पर सबूतों का कुछ अंश अब तक प्राप्त नहीं हो पाया है. जबकि ट्रायल कोर्ट की ओर से भेजे गए रिकार्ड एंड प्रोसिडिंग के साथ इन्हें भेजा जाना चाहिए था. 

इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को खंगालना आवश्यक

सरकार की ओर से पैरवी कर रहे विशेष सरकारी वकील वरिष्ठ अधि. दवे ने कहा कि इन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को खंगालना आवश्यक है. साथ ही पूरे रिकार्ड का भी एक बार पुन: अध्ययन करना है. जिससे इस मामले का उचित निपटारा हो सकेगा. सुनवाई के बाद अदालत ने गड़चिरोली न्यायालय को सभी दस्तावेजों के साथ डेटा आदि उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे. गत सुनवाई के दौरान प्रशांत सत्यनाथन ने कहा कि माओवादी गतिविधियों में याचिकाकर्ताओं के शामिल होने के सरकार के पास न केवल दस्तावेजी सबूत है, बल्कि वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है. जिसे अदालत के समक्ष रखा जा सकता है. 

सम्बंधित ख़बरें

जनता बेहाल पर नेताओं को चाहिए लग्जरी कार! प्रशासन की लापरवाही से खाली हुआ NMC का बेड़ा, अब नई खरीद की तैयारी

संकट में लोणार सरोवर: बढ़ते जल स्तर से डूब रही प्राचीन विरासत, हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

फांसी से पहले कातिल के मन को पढ़ेगी सरकार, नागपुर कोर्ट ने संजू सरकार केस में मांगी आचरण रिपोर्ट

मध्य रेलवे में जनसंपर्क के नाम पर ‘प्रशासनिक मजाक’, GM के आदेश के बाद भी मंडलों को नहीं मिले स्वतंत्र PRO

Follow proper procedure while giving data to nai

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 22, 2022 | 02:07 AM

Topics:  

  • Data
  • Nagpur
  • Nagpur News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.