Nagpur News: मंत्री के आदेश पर निकली ‘सुपारी’, नागपुर की फैक्टी में FDA ने की छापेमारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का 100 दिनों का एजेंडा तय किया है। अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी अपने 100 दिन के रोडमैप पर अमल करना शुरू कर दिया है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का 100 दिनों का एजेंडा तय किया है। अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी पहल की है। 100 दिनों के एजेंडा में ‘सुपारी’ को भी शामिल किया गया है। इसी एजेंडे के तहत शुक्रवार को एफडीए विभाग की ओर से नागपुर के कलमना स्थित एक फैक्ट्री में छापेमारी की गई और लगभग 30 लाख रुपये की सुपारी जब्त की गई।
आश्चर्य की बात यह है कि मंत्री के आदेश पर मुंबई से 3-4 अधिकारियों को इस काम के लिए भेजा गया है। मुंबई के अधिकारियों के इशारे पर नागपुर के अधिकारियों को शामिल किया गया और दोपहर में छापेमारी की गई। अर्से से सोये हुए विभाग को फिर से जागृत होना पड़ा है।
सुपारी हो या अन्य कोई भी मिलावटी खाद्य पदार्थ, पिछले कई महीनों से शांति छायी हुई थी और किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही थी। कलमना स्थित फैक्टी में कार्रवाई रात 10 बजे तक चली। माल किसका है यह अभी पता नहीं चल पाया है।
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आयुक्त बोले- जारी रहेगी कार्रवाई
एफडीए के संयुक्त आयुक्त के मार्गदर्शन में हमेशा ही ऐसे अभियान की शुरुआत की जाती है। कुछ दिनों तक कार्रवाई चलती है और फिर ‘मामला’ शांत हो जाता है। ऐसा नहीं है कि कारोबार बंद हो जाता है बल्कि विभाग की मेहरबानी हो जाती है और सब कुछ शांति से चलता रहता है। इस कार्रवाई को भी लोग उसी नजर से ही देख रहे हैं।
पनीर था निशाना, सुपारी पर पहुंचे
पिछले काफी समय से राज्य में नकली पनीर को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नागपुर में स्वतः एक भी कार्रवाई नहीं हुई लेकिन इशारे पर मुंबई से टीम नागपुर पहुंची और एक छोटी सी कार्रवाई कर ‘संदेश’ देने का काम किया।
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नागपुर संभाग कार्यालय में अधिकारी हैं भी यह पता नहीं चल पा रहा है क्योंकि जनहित में कोई भी कदम नहीं उठाये जा रहे हैं। अधिकारी केबिन में बैठकर अपना कार्य निष्पादन कर रहे हैं। यही कारण भी है कि ‘भांजे’ जैसे लोग फिर से सक्रिय हो गए हैं और विदेशी ‘सुपारी’ का कारोबार फिर से सिर उठाने लगा है।
