युद्ध का असर रसोई तक, नागपुर में खाद्य तेल के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर; बढ़ी आम लोगों की चिंता
Nagpur Edible Oil Prices: अंतरराष्ट्रीय युद्ध और सप्लाई बाधित होने से नागपुर में खाद्य तेल महंगा हो गया है। 15 किलो टिन पर 300-350 रुपये तक बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ा है।
- Written By: अंकिता पटेल
खाद्य तेल महंगा, नागपुर बाजार,(सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Market Supply Chain Disruption: नागपुर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के कारण घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतें लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। नागपुर के तेल व्यवसायियों के अनुसार युद्ध की शुरुआत के बाद से अब तक महज 2 महीनों के भीतर खाद्य तेल के 15 किलो के डिब्बे (टिन) पर 300 से 350 रुपए तक का भारी उछाल आ चुका है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है क्योंकि प्रति किलो कीमतों में 20 से 22 रुपए तक की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में तेजी का रुख यहीं थमने का नाम नहीं ले रहा है, पिछले 2-3 दिनों के भीतर ही प्रति टिन 60 से 70 रुपए की अतिरिक्त तेजी प्रति डिब्बे (टिन) में देखी गई है। इतना ही नहीं, व्यवसायियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में खाद्य तेल के दाम में और अधिक उछाल आने की संभावना है।
सोयाबीन तेल का 56 प्रश आयात अमेरिका से
नागपुर के तेल व्यवसायियों ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 56 प्रतिशत सोयाबीन तेल अमेरिका से आयात करता है। वर्तमान में ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ का मार्ग बंद होने के कारण अमेरिका से आने वाली खेप पूरी तरह रुकी हुई है। इसके अलावा देश में भारी मात्रा में आने वाला सनफ्लॉवर (सूरजमुखी) तेल रूस और यूक्रेन से आता है लेकिन युद्ध के कारण वह रास्ता भी पूरी तरह ठप पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में आई तेजी ने आग में घी का काम किया है जिसके चलते पाम ऑयल का एक बड़ा हिस्सा बायोडीजल बनाने में डायवर्ट हो रहा है।
खाद्य तेलों आवक घटने और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण बाजार लगातार तेज हो रहा है। 150 रु। तक और महंगा होगा तेल : व्यापारियों का मानना है कि आने वाले 1 से 2 दिनों के भीतर सरकार खाद्य तेलों पर इम्पोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ा सकती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी डॉलर की बचत करना और आयात पर निर्भरता को कम करना है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से खाद्य तेलों का सीमित उपयोग करने की अपील की थी। यदि सरकार द्वारा इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई जाती है तो नागपुर के स्थानीय बाजारों में भी खाद्य तेलों की कीमतें 100 से 150 प्रति डिब्बा (टिन) तक और ज्यादा बढ़ सकती हैं।
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इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ सकती है
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण खाद्य तेल के दाम पिछले 2 महीने से लगातर बढ़ते रहे हैं। पिछले 2-3 दिनों के भीतर ही प्रति टिन 60 से 70 रुपए की अतिरिक्त तेजी प्रति डिबे (टिन) में दर्ज की गई है। सरकार इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। इसलिए अगले कुछ दिनों में खाद्य तेल के दाम और बढ़ने की संभावना अधिक है।
– साद्य तेल व्यवसायी, अनिल अग्रवाल
बाजार में खाद्य तेल के वर्तमान दाम (प्रति टिन)
- सोयाबीन तेल 2.600 से 2,620 रुपए
- सनफ्लॉवर तेल : 2,800 से 2.850 रुपए
- मूंगफली तेल 2,770 से 2,800 रुपए
- सरसों तेल: 2,570 से 2,600 रुपमा
- पाम तेल 2,520 से 2,550 रुपए
विदर्भ में सबसे ज्यादा मांग सोयाबीन की, होटलों में पाम तेल
नागपुर सहित पूरे विदर्भ क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं में सबसे ज्यादा मांग सोयाबीन तेल की रहती है। वहीं दूसरी ओर, व्यावसायिक क्षेत्रों होटल, कैटरिंग, फरसाण उद्योग में पाम तेल का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। पाम तेल और सोयाबीन की कीमतों में महज 50 प्रति दिन का ही अंतर है। पाम तेल बहुत ज्यादा सस्ता नहीं है लेकिन इसके बावजूद होटल व्यवसायी इसे इसलिए चुनते है क्योंकि पाम तेल में टिकाऊपन अधिक होता है जिससे तला हुआ खाना लंबे समय तक खराब नहीं होता।
