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नागपुर जिले की 13 तहसीलों में अब तक 32 गांव जल संकट से प्रभावित बताए गए हैं।
जिला परिषद गांवों में एक दिन के अंतराल पर जलापूर्ति के निर्देश जारी करने की तैयारी में है।
सूखे की निगरानी और उपायों के समन्वय के लिए जिला परिषद में वॉर रूम स्थापित किया जाएगा।
जल भंडारण बढ़ाने के लिए अधिक जल प्रवाह वाले नालों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर वनराई बांध बनाए जाएंगे।
Zilla Parishad Nagpur Water Supply: नागपुर जिले की 13 तहसीलों में सूखे का संकट गहराता जा रहा है। अब तक 32 गांव जल संकट की चपेट में आ चुके हैं। संभावित सूखे की गंभीरता को देखते हुए उपलब्ध जल भंडार को बचाने के लिए जिला परिषद प्रशासन ने नियोजन शुरू कर दिया है।
इसके तहत जिले के गांवों में एक दिन के अंतराल में जलापूर्ति करने के निर्देश ग्राम पंचायतों को दिए जाएंगे। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। यह जानकारी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनि ने दी।
आने वाले समय में सूखे की स्थिति और गंभीर होने की आशंका को देखते हुए पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को इस निर्णय पर तत्काल अमल करने की तैयारी रखने के निर्देश प्रशासन की ओर से दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सूखे का सामना करने के लिए जिला परिषद प्रशासन विभिन्न उपायों की योजना बना रहा है। उपलब्ध जल भंडार का संरक्षण, वाटर हार्वेस्टिंग तथा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता और उसके संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अब तक 32 गांव जल संकट की चपेट में आ चुके हैं। सूखे की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए आगामी दिनों में जिला परिषद में अलग से वॉर रूम स्थापित किया जाएगा।
इसके माध्यम से सूखा निवारण के लिए आवश्यक उपायों की योजना बनाने और उनके क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी। जल भंडारण बढ़ाने के लिए वनराई बांधों के निर्माण के काम भी बड़े पैमाने पर शुरू किए जाएंगे।
जिन नदियों, नालों और बरसाती नालों में पानी का प्रवाह अधिक है वहां वनराई बांध बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी, इस संबंध में 16 अक्टूबर को सभी बीडीओ की बैठक आयोजित की गई है।
नागपुर जिले की 13 तहसीलों में सूखे का संकट गहराता जा रहा है। सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागी को आवश्यक उपाय योजनाओं की एसओपी तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।
सीईओ महामुनि ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान ग्राम पंचायतों से भी पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक करने और इसकी बर्बादी रोकने के लिए उचित नियोजन करने की अपील की है।