अमरावती के जलाशयों में केवल 51.26% जल भंडारण, अगस्त की बारिश पर किसानों की उम्मीद

Amravati Irrigation Projects: अमरावती जिले की 56 सिंचाई परियोजनाओं में 4 अगस्त तक कुल 51.26 प्रतिशत उपयोगी जल भंडारण है। लगातार बारिश के बावजूद कई मध्यम और लघु जलाशयों में पानी की कमी बनी हुई है।
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अमरावती सिंचाई परियोजनाफाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amravati Water Storage: लगातार हो रही बारिश के बावजूद जिले के बड़े, मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाओं में जलसंचय उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ पाया है। जलसंपदा विभाग की 4 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार जिले की 56 सिंचाई परियोजनाओं में कुल उपयोगी जल भंडारण 536.71 मिलियन क्यूबिक मीटर (51.26 प्रतिशत) दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष इसी दिन यह आंकड़ा 51.74 प्रतिशत था। ऐसे में खरीफ के शेष सीजन और रबी की सिंचाई के लिए आगामी बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अधिकांश छोटे जलाशय में पर्याप्त पानी नहीं

जिले के सबसे बड़े अपर वर्धा (अपर वर्धा) बांध में 314.02 मिलियन क्यूबिक मीटर (55.67%) पानी उपलब्ध है, जबकि इसकी कुल उपयोगी क्षमता 564.05 मिलियन क्यूबिक मीटर है। जिले के सात मध्यम परियोजनाओं में औसत जल भंडारण 46.66 प्रतिशत है। इनमें चंद्रभागा परियोजना 80.92 प्रतिशत पानी के साथ सबसे बेहतर स्थिति में है, जबकि पंढरी (21.83%), बोडीं नाला (11.72%) और गर्मा (0%) परियोजनाओं में जलसंचय चिंता का विषय बना हुआ है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 48 लघु सिंचाई परियोजनाओं में केवल 45.46 प्रतिशत जल भंडारण है।

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निगाहें अब अगस्त की बारिश पर

जलसंपदा विभाग के अनुसार यह आंकड़े 4 अगस्त, सुबह 8 बजे तक के हैं। वहीं लघु परियोजनाओं का जल भंडारण 30 जुलाई तक उपलब्ध आकड़ों के आधार पर दर्ज किया गया है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसानों की निगाहें अब अगस्त की बारिश पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी पर खरीफ फसलों और आगामी रबी सीजन के लिए सिचाई की उपलब्धता काफी हद तक निर्भर करेगी।

नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जा रहा

बारिश के कारण चंद्रभागा और पूर्णा परियोजनाओं से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि जल विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त माह में अच्छी बारिश होने पर ही जिले के जलाशयों की स्थित्ति में उल्लेखनीय सुधार संभव होगा।

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