घरेलू LPG सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल पर केंद्र का शिकंजा, दोषी गैस एजेंसियों पर होगी कार्रवाई
LPG revenue loss: घरेलू LPG सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की शिकायत पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उपभोक्ता मामले विभाग ने पेट्रोलियम मंत्रालय को जांच होगी।
- Written By: आंचल लोखंडे
सिलेंडर कालाबाजारी- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Domestic LPG Cylinder Black M arketing Nagpur: घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और वाहनों में कथित अवैध उपयोग, कालाबाजारी, राजस्व हानि तथा सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ की शिकायत के बाद केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग ने इस मामले को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेज दिया है।
कठोर कार्रवाई करने के आदेश उपभोक्ता मामले विभाग के अवर सचिव विकास कुमार द्वारा 29 जुलाई को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार यह मामला आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ द्वारा प्रस्तुत शिकायत एवं साक्ष्यों की गहन जांच कर दोषियों तथा संबंधित गैस एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश पेट्रोलियम सचिव को दिए गए हैं।
गैस एजेंसियों की जांच के आदेश
उपभोक्ता अधिकारों एवं सार्वजनिक सुरक्षा के लिए कार्यरत ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। फाउंडेशन ने केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में संचालित अवैध गैस रिफिलिंग रैकेट तथा दोषी गैस वितरकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने और केंद्र सरकार के राजस्व को होने वाले नुकसान को रोकने की मांग की है।
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गैस एजेंसियों की चल रही मिलीभगत
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ एलपीजी वितरकों और कालाबाजारी करने वालों की मिलीभगत से ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर ग्राहकों की जानकारी के बिना अथवा उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बुकिंग दिखाकर घरेलू सिलेंडरों की जमकर कालाबाजारी की जा रही है। फाउंडेशन ने 159 जिलों के 59,900 से अधिक होटल, ढाबों, फास्ट फूड सेंटरों एवं रेस्टोरेंट्स की सूची साक्ष्यों सहित सरकार को प्रस्तुत की है, जहां घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
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सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन की ओर से सरकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों से ‘टिल्लू पंप’ के माध्यम से पाइप लगाकर अवैध रूप से वाहनी तथा व्यावसायिक सिलेंडरों में गैस रिफिल की जा रही है। इससे विस्फोट एवं दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है तथा यात्रियों एवं आम नागरिकों के जीवन को जोखिम है। घरेलू एलपीजी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जबकि व्यावसायिक एलपीजी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग किए जाने से सरकार को 13 प्रतिशत जीएसटी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
