

Nagpur Marbat Utsav Deputy CM Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कर दिया है कि विद्यार्थियों की समस्याओं की आड़ में अपनी रोटी सेंकने वालों को कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के संदर्भ में सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर सकारात्मक है।
परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वे नागपुर में मारबत महोत्सव में शामिल होने के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाकर कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि विद्यार्थियों की समस्याओं की बजाय राजनीति करने वालों को यह अवसर नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर गुरुवार को हुई बैठक में विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार कड़ा रुख अपनाएगी। दोषियों को जेल भेजने के साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी बदलाव किए जाएंगे। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठा रही है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस पुरानी परंपरा को इस वर्ष पर्यटन से जोड़कर दुनिया भर में पहुंचाने का प्रयास मनपा ने किया है। उन्होंने विदेशी मेहमानों को आमंत्रित कर मारबत उत्सव को वैश्विक स्वरूप देने की पहल की सराहना की।
उन्होंने कहा कि नागपुर के इस पारंपरिक महोत्सव के प्रति उनके मन में रुचि पैदा होना खुशी की बात है। विदेश से आए मेहमान अपने-अपने देशों के 'एम्बेसडर' तो हैं ही लेकिन वे भारत के भी एम्बेसडर बन सकते हैं। उन्होंने आशा जताई कि उनके माध्यम से भविष्य में वैश्विक व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
मनोज जरांगे पाटिल द्वारा मुंबई में आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के संबंध में फडणवीस ने सरकार की भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज को मानने वाला कोई भी व्यक्ति हिंदुओं के त्योहारों या गणेशोत्सव में विघ्न नहीं डालेगा, ऐसी अपेक्षा है।
महाराष्ट्र के आम नागरिकों के जीवन की सभी 'इड़ा-पीड़ा' दूर हो, ऐसी अपेक्षा व्यक्त करते हुए फडणवीस ने सबसे पहले राज्य से सूखे की पीड़ा दूर होने की प्रार्थना की। समाज की सभी 'इड़ा-पोड़ा' दूर हो, इसी भावना से मारबत उत्सव की परंपरा शुरू हुई है।