Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • बुध, 22 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

तीसरी मुंबई, मेट्रो से समृद्धि महामार्ग तक, देवेंद्र फडणवीस के वो फैसले जिसने बदली महाराष्ट्र की तस्वीर

Devendra Fadnavis Birthday Special: देवेंद्र फडणवीस ने लाडकी बहिन योजना, मेगा प्रोजेक्ट्स और 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य के साथ राज्य की तस्वीर बदल दी। जानिए इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन की पूरा सफर।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Jul 22, 2026 | 11:48 AM

देवेंद्र फडणवीस के वो फैसले जिसने बदली महाराष्ट्र की तस्वीर (डिजाइन फोटो)

Follow Us
Follow Us:

Devendra Fadnavis Maharashtra Development Model: किसी भी राज्य की प्रगति उसकी नीतियों, विजन और नेतृत्व की मंशा पर निर्भर करती है। महाराष्ट्र, जो भारत की आर्थिक राजधानी और औद्योगिक रीढ़ है, ने पिछले एक दशक में जिस तीव्र गति से प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं, उसके केंद्र में एक ही नाम गूंजता है – महाराष्ट्र में जन-जन के प्रिय देवेन्द्र फडणवीस ‘देवाभाऊ’। वर्ष 2014 में जब उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली, तब से लेकर आज तक, चाहे वे मुख्यमंत्री रहे हों या उपमुख्यमंत्री, उन्होंने महाराष्ट्र को केवल प्रशासनिक स्थिरता ही नहीं दी, बल्कि अपने कूटनीतिक कौशल से एक प्रशासनिक संकटमोचक की भांति हर अड़चन को दूर कर विकास का एक ऐसा महाराष्ट्र मॉडल खड़ा किया, जिसकी गूंज आज वैश्विक स्तर पर सुनाई देती है।

दावोस के अंतरराष्ट्रीय मंच से लेकर पालघर के समंदर में आकार लेते विशाल वधावण पोर्ट तक और मुंबई की सड़कों के नीचे दौड़ती अक्वालाइन मेट्रो से लेकर राज्य की करोड़ों बहनों के चेहरों पर खिलती मुस्कान तक, ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन ऑफ महाराष्ट्र’ के रूप में पहचाने जाने वाले देवाभाऊ का हस्ताक्षर हर जगह स्पष्ट दिखाई देता है।

अपनी दूरदर्शी सोच और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण जनता और उद्योग जगत में ‘आधुनिक महाराष्ट्र के शिल्पकार’ के रूप में समादूत देवाभाऊ के इसी विजन, प्रमुख जन-कल्याणकारी योजनाओं और राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महासंकल्प का यह एक व्यापक लेखा-जोखा है।

सम्बंधित ख़बरें

नवभारत विशेष: जनकल्याणकारी योजनाओं को समर्पित देवा भाऊ, ओजस्वी एवं तेजस्वी नेतृत्व

संसद में ‘ब्लैक प्रोटेस्ट’! प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों का सरकार पर हमला, लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

NEET छात्र आंदोलन में शामिल होंगे मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल, आज ही पहुंचेंगे जंतर मंतर

देवेंद्र फडणवीस का सीएम पद पर 3 बार का ऐतिहासिक सफर, 2014 की शुरुआत से 2024 की भव्य वापसी तक की पूरी टाइमलाइन

लाडकी बहिन योजनाः महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के मसीहा

जन-जन के अपने और हर घर के बड़े भाई ‘देवाभाऊ’ के राजनीतिक और प्रशासनिक चिंतन का मुख्य आधार हमेशा से समाज के अंतिम व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं का सम्मान और कल्याण रहा है। ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की करोड़ों बहनों के प्रति ‘जन-जन के प्रिय देवाभाऊ’ के अगाध स्नेह और अटूट जिम्मेदारी का जीवंत प्रमाण है।

इस योजना के माध्यम से राज्य की पात्र महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता पहुंचाकर ‘देवाभाऊ’ ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। अब राज्य की गृहणियां और बहनें अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं हैं।

बिना किसी बिचौलिए या प्रशासनिक जटिलता के, सीधे महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित कर पारदर्शी शासन के प्रतीक देवाभाऊ ने गुड गवर्नेस का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। इस योजना ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि की है। यह ‘दूरदर्शी रणनीतिकार देवाभाऊ’ का ही विजन था, जिसने महिलाओं को केवल वोटर नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति में बराबर का भागीदार माना।

तीसरी और चौथी मुंबई की परिकल्पनाः भविष्य के मेट्रोपॉलिटन महाराष्ट्र के निर्माता

मुंबई पर बढ़ती आबादी और बुनियादी ढांचे के दबाव को समझते हुए ‘विकासपुरुष’ देवेन्द्र फडणवीस ने दशकों आगे की सोच के साथ काम किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान नहीं निकाला, बल्कि भविष्य के समृद्ध महाराष्ट्र का नया नक्शा तैयार किया।

अटल सेतु से तीसरी मुंबई की शुरुआतः नवी मुंबई और रायगढ़ के बड़े हिस्से को जोड़ने वाले अटल सेतु के निर्माण में ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन’ देवाभाऊ की प्रशासनिक दृढ़ता की सबसे बड़ी भूमिका रही। इसने ‘थर्ड मुंबई’ (तीसरी मुंबई) के विचार को जन्म दिया, जो देश का सबसे आधुनिक और वेल-प्लान्ड अर्बन हब बन रहा है।

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और विशाल इंफ्रास्ट्रक्चरः नवी मुंबई में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के काम में तेजी लाकर ‘आधुनिक महाराष्ट्र के शिल्पकार देवाभाऊ’ ने राज्य के लिए आर्थिक अवसरों का एक नया वैश्विक द्वार खोला है।

चौथी मुंबई (पालघर-विरार रीजन) का विकासः पालघर और वधावण क्षेत्र को ‘चौथी मुंबई’ के रूप में विकसित करने की दूरगामी योजना के पीछे ‘विकासपुरुष देवाभाऊ’ की ही विजनरी सोच है। यहां आधुनिक आवासीय क्षेत्र, आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)

दावोस में एमओयू और वैश्विक निवेश के मुख्य सूत्रधार

महाराष्ट्र को देश में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) का नंबर-1 राज्य बनाए रखने में देवेन्द्र फडणवीस का व्यक्तिगत प्रभाव और वैश्विक दृष्टिकोण निर्णायक रहा है। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठकों में उन्होंने राज्य का प्रतिनिधित्व जिस आक्रामक और पेशेवर तरीके से किया, उसने दुनिया भर के उद्योगपतियों को आकर्षित किया।

लाखों करोड़ रुपए के निवेश समझौतेः दावोस के मंच पर दुनिया की दिग्गज कंपनियों के साथ ‘देवाभाऊ’ के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने लाखों करोड़ रुपए के ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ग्रीन एनर्जी, एआई और डेटा सेंटर हबः ‘वैश्विक विजन वाले नेता देवाभाऊ’ के अथक प्रयासों से महाराष्ट्र आज डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है।

सिंगल विंडो क्लीयरेंस और बिजनेस फ्रेंडली माहौलः केवल समझौते करना ही नहीं, बल्कि उन समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए ‘कुशल प्रशासक देवाभाऊ’ ने नौकरशाही को जवाबदेह बनाया और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाए।

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में स्विस-इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात करते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)

वधावण पोर्टः भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक समुदी द्वार

महाराष्ट्र को समुद्री व्यापार का ग्लोबल हब बनाने के लिए ‘विकासपुरुष’ देवेन्द्र फडणवीस ने वर्षों से लंबित वधावण पोर्ट परियोजना को केंद्र सरकार के सहयोग से घरातल पर उतारा। पालघर जिले में बनने वाला यह मेगा पोर्ट भारत के आर्थिक इतिहास का सबसे बड़ा गेम चेंजर साबित होने वाला है।

वधावण पोर्ट की गहराई और रणनीतिक लोकेशन इसे दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम बनाएगी, जिसका श्रेय ‘संकटमोचक देवाभाऊ’ के नीतिगत प्रयासों को जाता है। इस पोर्ट के चालू होने से न केवल पालघर और ठाणे क्षेत्र का कायाकल्प होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स, शिपिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

यह पोर्ट जवाहरलाल नेहरू पोर्ट के बोझ को कम करेगा और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूती से स्थापित करेगा। इस ड्रीम प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने और स्थानीय चिंताओं को दूर करने में ‘देवाभाऊ’ की कूटनीतिक दक्षता अहम रही।

अक्वालाइन मेट्रो और अंडरग्राउंड ट्रांसफॉर्मेशन के जनक

मुंबई जैसे सघन आबादी वाले शहर में जमीन के नीचे 33 किलोमीटर लंबी पूर्णतः अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन बनाना किसी चमत्कार से कम नहीं था। ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन ऑफ महाराष्ट्र’ देवेन्द्र फडणवीस की अदम्य इच्छाशक्ति और तकनीकी विजन का ही परिणाम है कि अक्वालाइन मेट्रो (कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज) आज यथार्थ बन चुकी है। अक्वालाइन मेट्रो के चालू होने से मुंबई की लोकल ट्रेनों पर से दबाव कम हुआ है और लाखों गाड़ियों के सड़कों से हटने के कारण प्रदूषण में भारी कमी आई है।

मुंबईकरों के दैनिक जीवन को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए ‘आधुनिक महाराष्ट्र के शिल्पकार देवाभाऊ’ ने सभी कानूनी और तकनीकी अड़चनों को पार करते हुए इस प्रोजेक्ट को गति दी। केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि पुणे, नागपुर, ठाणे और नवी मुंबई में मेट्रो का संजाल बिछाने का श्रेय देवेन्द्र फडणवीस को ही जाता है। उन्होंने महाराष्ट्र के शहरी परिवहन को 21वीं सदी के वैश्विक स्तर पर पहुंचा दिया है।

जलयुक्त शिवार से समृद्धि महामार्ग तकः कृषि और ग्रामीण क्रांति के नायक

देवेन्द्र फडणवीस ‘देवाभाऊ’ केवल शहरी विकास के मसीहा नहीं हैं, बल्कि किसानों और ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली लाने वाले सच्चे मार्गदर्शक भी हैं। महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों को पानी के संकट से उबारने के लिए ‘देवाभाऊ’ द्वारा शुरू किया गया ‘जलयुक्त शिवार अभियान‘ एक ऐतिहासिक जन-आंदोलन बना, जिससे हजारों गांव सूखा मुक्त हुए और भूजल स्तर में अभूतपूर्व सुधार हुआ।

हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्गः नागपुर को मुंबई से जोड़ने वाला यह 701 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ‘विकासपुरुष’ देवेन्द्र फडणवीस का ही ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस महामार्ग ने राज्य के 24 जिलों के भाग्य के कपाट खोल दिए हैं और किसानों की उपज को सीधे बंदरगाहों तक पहुँचाने के समय को आधा कर दिया है।

यह भी पढ़ें:- सिर्फ राजनीति ही नहीं, कविता, एक्टिंग और मॉडलिंग का भी शौक… 56वें जन्मदिन पर जानें अनटोल्ड देवेंद्र फडणवीस

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के मार्गदर्शक देवाभाऊ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ‘देवाभाऊ’ का मानना है कि ‘विकास ही राजनीति का एकमात्र अंतिम उद्देश्य होना चाहिए’। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति को आक्षेपों से ऊपर उठाकर ‘परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ के सिद्धांत पर मजबूती से केंद्रित किया है। लाडकी बहिन योजना से महिलाओं के चेहरों पर लाई गई मुस्कान हो, या समंदर में आकार लेता वधावण पोर्ट; जमीन के नीचे दौड़ती अक्वालाइन मेट्रो हो, या दावोस में महाराष्ट्र के नाम का लहराता परचम ‘आधुनिक महाराष्ट्र के शिल्पकार’ और ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन’ देवेन्द्र फडणवीस ‘देवाभाऊ’ का हर एक कदम केवल और केवल महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में महाराष्ट्र की भूमिका सबसे अहम है, और इस विकास-यात्रा में जन-जन के लाडले ‘देवाभाऊ’ राज्य के सबसे सशक्त, भरोसेमंद और दूरदर्शी मार्गदर्शक हैं। एक समृद्ध, सशक्त और आधुनिक महाराष्ट्र का निर्माण ही उनका एकमात्र ध्येय है और राज्य का हर नागरिक इस विकास यात्रा में अपने प्रिय ‘देवाभाऊ’ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

Devendra fadnavis maharashtra development model infrastructure wadhawan port metro

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 22, 2026 | 11:48 AM

Topics:  

  • Birthday Special
  • BJP
  • Devendra Fadnavis
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.