नागपुर के देवलापार में बाघ का आतंक जारी: खेत में बंधे बैल पर हमला, इलाके में फिर दहशत
Nagpur Deolapar Tiger Attack: नागपुर के देवलापार क्षेत्र में बाघ ने खेत में बंधे बैल पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
देवलापार बाघ हमला, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Deolapar Forest Bull Injured: नागपुर जिले के देवलापार क्षेत्र में बाघ के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार दोपहर एक बार फिर बाघ ने खेत में बंधे बैल पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। खास बात यह है कि बाघ ने हमला गांव और मुख्य सड़क के बेहद नजदीक किया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
यह घटना शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे देवलापार स्थानीय क्षेत्र के सिंदेवानी निवासी सुंदरलाल मंसाराम धुर्वे के खेत में हुई। बताया जा रहा है कि सुंदरलाल ने देवलापार (रीजनल) वन क्षेत्र के अंतर्गत स्थित खिड़की इलाके में अपने खेत में तीन बैलों को बांध रखा था। दोपहर के समय अचानक एक बाघ खेत में पहुंच गया और एक बैल पर हमला बोल दिया।
खेत में बाघ का हमला, बैल गंभीर घायल, ग्रामीणों में दहशत
बाघ ने बैल को दबोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से खेत और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबा और लोगों की आवाज सुनकर बाघ मौके से पास की झाड़ियों में भाग गया, लेकिन तब तक बैल गंभीर रूप से जख्मी हो चुका था।
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स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर बाघ ने हमला किया, वहां से गांव बहुत अधिक दूरी पर नहीं है। इसके अलावा देवलापार-बेलदा रोड भी घटनास्थल के समीप है, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि बाघ की गतिविधियां अब मानव बस्तियों और आवाजाही वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच चुकी हैं। ग्रामीणों को डर है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी जनहानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घायल बैल की स्थिति का जायजा लिया तथा आसपास के क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेतों की जांच शुरू कर दी। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की बात कही जा रही है।
बाघ हमलों से ग्रामीणों में दहशत, सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और किसानों ने वन विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे बाघ के हमलों के कारण खेतों में काम करने और पशुओं को चराने या बांधने में डर का माहौल बन गया है। लोगों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने और बाघ को जल्द काबू में करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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देवलापार क्षेत्र लंबे समय से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर संवेदनशील माना जाता है। हाल के दिनों में बाघों की बढ़ती गतिविधियों ने किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ने के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे सतर्कता और त्वरित वन विभागीय कार्रवाई जरूरी हो गई है।
