गोंदिया के नाबालिक दुष्कर्म मामले में 3 आरोपि 14 दिन की जुडिशल कस्टडी में, देखें पूरी अपडेट
Gondia POCSO Case: गोंदिया जिले की अर्जुनी मोरगांव तहसील में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने लॉज संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- Written By: केतकी मोडक
दुष्कर्म प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Gondia POCSO Case Minor Assault: गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर पोक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें तावशी ग्राम पंचायत क्षेत्र के ‘वंश लॉज’ के संचालक भी शामिल हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मई में अचानक गायब हुई थी लड़की
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अर्जुनी मोरगांव तहसील के एक गांव की नाबालिग लड़की 6 मई को परिवार वालों को बिना कुछ बताए घर से चली गई थी। जब परिवार के सदस्यों को एहसास हुआ कि लड़की घर पर नहीं है, तो उन्होंने उसकी सहेली से पूछताछ की और आसपास के रिश्तेदारों के यहां भी उसकी तलाश की। लेकिन लड़की का कहीं कुछ पता नहीं चला। अंततः 28 मई को अर्जुनी मोरगांव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई कि लड़की 22 दिनों से घर से लापता है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने नाबालिग लड़की की तलाश के लिए अभियान चलाया।
मोबाइल लोकेशन ने खोला राज;
18 जून को गोंदिया पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर नांदेड़ जिले के गणेश मनोहर विविधकर (22) के साथ मौजूद नाबालिग लड़की को हिरासत में लेने में कामयाबी हासिल की। पुलिस द्वारा की गई गहन जांच के बाद, तावशी ग्राम पंचायत की सीमा में आने वाले वंश लॉज के संचालक विलास सोपान रणदिवे (52) को भी विभिन्न धाराओं के तहत 25 जून को गिरफ्तार कर लिया गया।
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नाबालिग लड़की द्वारा न्यायालय (कोर्ट) में दिए गए बयान से यह बात सामने आई कि अप्रैल 2025 में वंश लॉज में संदीप मेश्राम नाम के युवक के साथ उसके संबंध बने थे। विलास सोपान रणदिवे को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया कि उक्त लॉज संचालक ने आरोपी को यह कृत्य करने में मदद की थी। इस मामले में घर से भागी नाबालिग लड़की नांदेड़ जिले में मिली। जब पुलिस ने नाबालिग लड़की से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है।
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आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नांदेड़ जिले के गणेश मनोहर विविधकर को 18 जून को नाबालिग लड़की के बयान के आधार पर पोक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उस पर अत्याचार करने के आरोप में गणेश विविधकर, संदीप मेश्राम और विलास रणदिवे के खिलाफ अर्जुनी मोरगांव थाने में मामला दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को 25 जून को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक कमलेश सोनटक्के के मार्गदर्शन में महिला पुलिस उपनिरीक्षक अश्विनी कदम कर रही हैं।
