अतुल लोंढे और सुनेत्रा पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Congress spokesperson Atul Londhe: अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की जल्दबाजी में हुई ताजपोशी ने महायुति के भीतर और बाहर एक नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल के तीखे सवालों ने अब इस पूरे घटनाक्रम को ‘राजनीतिक मजबूरी’ या ‘बीजेपी के दबाव’ की ओर मोड़ दिया है। शरद पवार के बाद अब कांग्रेस के इस हमले ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को रक्षात्मक स्थिति में ला खड़ा किया है।
NCP-SCP प्रमुख शरद पवार के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल ने कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है। फैसले कौन ले रहा है? यह देखना भी ज़रूरी है कि पर्दे के पीछे कौन था, जो फैसलों को प्रभावित कर रहा था और दबाव डाल रहा था। ऐसी भी खबरें हैं कि बीजेपी NCP की तरफ से फैसले ले रही है, और अगर परिवार को अगला कदम तय करने का मौका भी नहीं दिया गया, तो यह भी सोचने वाली बात है।”
उन्होंने आगे कहा, “एक और ज़रूरी बात यह है कि पिछले दो महीनों से अजीत दादा कहाँ थे? वह किससे बात कर रहे थे? वह किसके साथ जिला पंचायत चुनावों के लिए टिकट बंटवारे पर चर्चा कर रहे थे? इसे देखने से पता चल सकता है कि चीजें किस दिशा में जा रही हैं, लेकिन यह फिलहाल उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है।”
#WATCH | Nagpur, Maharashtra: On NCP-SCP chief Sharad Pawar’s statement, Congress Spokesperson Atul Londhe Patil says, “This is a very serious issue. Who is making the decisions? It’s also important to see who was behind the scenes, influencing and forcing the decisions. There… https://t.co/bQBJJOG7GW pic.twitter.com/7UDQ1E25wQ — ANI (@ANI) January 31, 2026
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प्रफुल्ल पटेल पर निशाना साधते हुए अतुल लोंढे ने कहा, “वह (प्रफुल्ल पटेल) अभी कार्यकारी अध्यक्ष हैं, लेकिन एक बात जो मुझे समझ नहीं आ रही है, वह यह है कि यह कोई संवैधानिक पद (उपमुख्यमंत्री) नहीं था जिसे कुछ दिनों के लिए खाली नहीं छोड़ा जा सकता था। अभी सिर्फ तीन दिन ही हुए थे। अंतिम संस्कार कल हुआ था। इतनी जल्दबाजी का क्या कारण हो सकता है? इसका जवाब सिर्फ वही लोग दे सकते हैं जिन्होंने इतनी जल्दी यह फैसला लिया।”