बुरे फंसे आशीष शेलार! ‘मतदान जिहाद’ बयान पर बवाल, नितिन राऊत ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
Ashish Shelar Controversy: पूर्व मंत्री नितिन राऊत ने सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार के खिलाफ ‘मतदान जिहाद’ बयान पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आशिष शेलाप पर समाज में वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया है।
- Written By: प्रिया जैस
मंत्री शेलार के खिलाफ नितिन राऊत की पुलिस में शिकायत (सौजन्य-नवभारत)
Nitin Raut Complaint: महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार के खिलाफ पूर्व मंत्री एवं उत्तर नागपुर के विधायक नितिन राऊत ने जरीपटका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। राऊत ने आरोप लगाया है कि शेलार ने अपने बयान में कहा कि उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्र में 8,342 मुस्लिम मतदाता ‘मतदान जिहाद’ कर रहे हैं, जो न केवल अवैध है बल्कि साम्प्रदायिक सौहार्द को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
बीएनएस की धारा 299 के तहत अपराध
शिकायत में कहा गया है कि शेलार का यह बयान भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 299 के अंतर्गत एक दखलपात्र और सजा योग्य अपराध है, जिसकी सजा 3 वर्ष तक या जुर्माना या दोनों हो सकती है। राऊत ने कहा कि शेलार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुस्लिम मतदाताओं को धमकाने और हिंदू-मुस्लिम समुदायों में द्वेष और शत्रुता फैलाने का प्रयास किया।
वैमनस्य फैलाने का प्रयास
राऊत ने आरोप लगाया कि शेलार ने विभिन्न वर्गों में वैमनस्य पैदा करने का काम किया और यह दर्शाने की कोशिश की कि मुसलमान ‘मतदान जिहाद’ में शामिल हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने ‘गला मत चोरीचा, पुलका व्होट जिहादचा’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जो मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं का अपमान है। यह भी कहा गया कि शेलार का यह कृत्य महाविकास आघाड़ी के समर्थन में मुस्लिम मतदाताओं को ‘दोहरा मतदान’ करने के लिए दोषी ठहराने की एक साजिश है।
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राऊत ने मांग की कि शेलार के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए अन्यथा उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दखलपात्र अपराध की शिकायत मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है।
सबूत के तौर पर दिया ‘पेन ड्राइव’
नितिन राऊत ने पुलिस को आशीष शेलार की पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की पेन ड्राइव साक्ष्य के रूप में सौंपी। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में ध्रुवीकरण करने के उद्देश्य से शेलार ने जानबूझकर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया। राऊत का कहना है कि यह कार्य भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196 के तहत भी दंडनीय अपराध है क्योंकि इससे समाज में नफरत, असंतोष और फूट डालने का प्रयास हुआ है।
