

CJP Founder Abhijeet Dipke On Election NEET Controversy: नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा धांधली और प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देश भर के छात्रों में जारी भारी असंतोष के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भावी राजनीतिक दिशा को लेकर एक बड़ा रणनीतिक खुलासा किया है। मंगलवार (16 जून 2026) को नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने स्पष्ट संकेत दिए कि उनकी पार्टी चुनावी राजनीति में उतरने या चुनाव लड़ने की कोई इच्छा नहीं रखती है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नागपुर में सीजेपी के बड़े विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले मीडिया से बात करते हुए दीपके ने न केवल पार्टी का स्टैंड साफ किया, बल्कि नीट विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर भी उन पर तीखा हमला बोला।
जब पत्रकारों ने अभिजीत दीपके से सीधा सवाल किया कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी आगामी दिनों में एक राजनीतिक दल के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी, तो उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया। दीपके ने पलटवार करते हुए कहा, "हमें चुनाव क्यों लड़ना चाहिए? मेरा सीधा सा मतलब यह है कि अगर इस लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक को अपने बुनियादी अधिकारों की मांग करने, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने या छात्रों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए अनिवार्य रूप से चुनाव ही लड़ना पड़े, तो यह व्यवस्था कैसे चलेगी?" उनके इस बयान से साफ है कि सीजेपी खुद को एक दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) और छात्र आंदोलन के रूप में ही आगे बढ़ाना चाहती है।
देश के युवाओं को प्रधानमंत्री द्वारा भरोसा दिलाए जाने के सवाल पर दीपके बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश को संबोधित करने से पहले उन 5-6 पीड़ित छात्रों के लाचार माता-पिता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया। दीपके ने तीखा तंज कसते हुए कहा, "प्रधानमंत्री दुनिया भर की हर छोटी-बड़ी घटना पर सोशल मीडिया पर तुरंत पोस्ट करते हैं, लेकिन जब देश का भविष्य और होनहार छात्र अपनी जान दे रहे हैं, तो उनके पास संवेदना का एक शब्द तक नहीं है। आप कब तक सिर्फ अपने 'मन की बात' और 'परीक्षा पे चर्चा' का ढिंढोरा पीटते रहेंगे? अब समय आ गया है कि सरकार को छात्रों के मन की बात सुननी होगी।"
सीजेपी संस्थापक ने आगे कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने समय रहते देश के जागरूक छात्रों और छात्र संगठनों से सीधा संवाद स्थापित किया होता, तो वे आज जमीनी स्तर पर युवाओं की वास्तविक समस्याओं और उनकी पीड़ा को गहराई से समझ पाते और इसका कोई ठोस समाधान निकाल पाते। उन्होंने देश के युवाओं को आश्वस्त करते हुए अपनी मांग को फिर दोहराया कि नीट घोटाले को लेकर जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक कॉकरोच जनता पार्टी का यह देशव्यापी उग्र और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किसी भी कीमत पर थमने वाला नहीं है।