नागपुर: WCL कोयला घोटाला: सैंपलिंग रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद एक्शन में CBI, SECR के अधिकारी

Nagpur Coal Scam: डूमरी कोल साइडिंग पर कथित कोयला हेराफेरी मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। रेलवे अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है और कई लोगों से पूछताछ की गई है।
Nagpur: WCL Coal Scam – CBI swings into action against SECR officials following confirmation of irregularities in the sampling report.
कोयला घोटाला, सीबीआई जांच,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Coal Scam CBI Probe: नागपुर दक्षिण-पूर्व-मध्य रेल नागपुर मंडल के तहत डूमरी कोल साइडिंग पर कोयले की मालगाड़ी को खाली करने और वेस्ट कोल को लेकर जारी धांधली में सीबीआई जांच की आंच जल्द ही मंडल प्रबंधन के अधिकारियों तक पहुंच सकती है।

ज्ञात हो कि वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के करोड़ों रुपये के कथित कोयला हेराफेरी मामले में अब रेलवे अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। सीबीआई ने कोयले के नमूनों की जांच रिपोर्ट में कथित गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद मामले की पड़ताल तेज कर दी है। इस संबंध में ठेकेदारों और दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के कुछ अधिकारियों से पूछताछ की गई है।

रेलवे राजस्व को पहुंचाया नुकसान

ज्ञात हो कि 25 मई को डूमरी रेलवे कोल साइडिंग पर छापेमारी में मालगाड़ी की सफाई के दौरान निकले कोयले को कचरा बताकर जमाखोरी का मामला सामने आया। इस दौरान करीब 1427 मीट्रिक टन कोयले के नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजे थे।

प्रारंभिक रिपोर्ट में नमूनों के 'कोयला' होने की पुष्टि के बाद एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित हेराफेरी में किस स्तर तक मिलीभगत हुई और किन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही। जानकारी के अनुसार, वेकोलि की खदानों से एसईसीआर साइडिंग तक कोयले के परिवहन के लिए अलग-अलग ठेके दिए गए थे।

रेलवे साइडिंग तक कोयला पहुंचाने और वहां से उसे आगे भेजने की पूरी प्रक्रिया में कई एजेंसियां और अधिकारी शामिल थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कोयले की गुणवत्ता और मात्रा में हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

कानूनी सलाह भी शुरू

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ रेलवे अधिकारियों के नाम सामने आए है। ऐसे में उनसे पूछताछ का दायरा और बढ़ सकता है। बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारी कानूनी सलाह भी ले रहे है।

सीबीआई अब टेंडर प्रक्रिया, परिवहन व्यवस्था और कोयले की निगरानी से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। एजेंसी की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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