

Nagpur News: छत्तीसगढ़ के नेता अमित बघेल के द्वारा सिंधी समाज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर तथा सिंधी समाज के इष्ट देव श्री झूलेलाल देव के बारे में अपमानजनक भाषा का उपयोग करने को लेकर सिंधी समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। रविवार को समाज संबगठनों का गुस्सा फूटा और बघेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग छत्तीसगड़ सरकार से करते हुए बघेल का पुतला भी फूंका।
रविवार को शहर के जरीपटका परिसर में सिंधी समाज के विविध संगठनों द्वारा छत्तीसगढ़ के नेता अमित बघेल के द्वारा सिंधी समाज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर तथा सिंधी समाज के इष्ट देव श्री झूलेलाल देव के बारे में अपमानजनक भाषा का उपयोग करने को लेकर नाराज लोगों ने एक विशाल शांति मोर्चा निकाला।
इसके बाद रात करीब 8.30 बजे के आसपास नाराज लोगों ने बघेल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वसनशाह चौक पर राष्ट्रस्तरीय संस्था भारतीय सिंधु सभा के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र कुकरेजा के नेतृत्व में पुतला फूंका। कुकरेजा ने अताया कि, उनकी संस्था के अलावा समस्त सिंधी समाज द्वारा विरोध दर्शाते हुए इस आंदोलन में हिस्सा लिया। जिसमें सभी दरबारों, व्यापारियों, पंचायतों व संस्थाओं का सहभाग रहा।
आंदोलन के दरम्यान समाज के युवा अधिक युवा आक्रोशित नजर आये। समाज संबगठनों ने कहा, वे उनके इष्टदेव वरुणावतार झूलेलालजी का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बघेल के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर सोमवार मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व पुलिस विभाग को संगठनों द्वारा ज्ञापन भी सौंपने की जानकारी यहां दी गई।
इस आंदोलन में दौलत कुंगवानी, राजेश बटवानी, राजकुमार शर्मा, डिम्पी बजाज, विजय केवलरामानी, राजेश जाम्बिया, राजू हिन्दुस्तानी, गुड्डू केवलरामानी, प्रमिला मथरानी व अन्य ने संबोधित किया। संचालन जगदीश वंजानी ने किया। इस मौके पर रमेश जसवानी, महेश आनंदानी, सतीश आनंदानी, बेबूराम बतरा,जेनिका कुंगवानी,दयाल शर्मा, पुरुषोत्तम रंगवानी, पी।टी।दारा, पी।डी। केवलरमानी, दर्शन कुकरेजा समेत हजारों की संख्या में समाज बंधु उपस्थित थे।
शांति नगर से भी मोर्चा निकाला गया। अमित बघेल के खिलाफ मोर्चा निकालकर नारेबाजी भी की गई। शांति नगर के हनुमान मंदिर से लेकर तुलसी नगर तक पैदल मार्च करके पंचायत तथा अनेक समाज के संगठनों ने बघेल को जेल में डालने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग छत्तीसगढ़ सरकार से की है।
पंचायत के अध्यक्ष बलराम काकवानी, महासचिव किशोर धींगरा, वाधुराम रोहरा, नंदलाल ठकुर, मुरलीधर महाराज स्वामी, मनोहर आहूजा, प्रताप धींगरा, खूबचंद आहूजा, अजय सुगंध, प्रेम झामनानी, अमित जोतवानी, शंकर वलेचा, शंकर रोहरा, थावरदास भागवानी, हासनंद आडवाणी, अशोक दीपानी, पूरन ढींगरा, नरेश ढींगरा, इंद्रलाल धनकानी, राजू चंदनानी, विजय कृष्णनानी, थावरदास कृष्णनानी आदि अनेक सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मोर्चे का समापन तुलसी नगर के गणेश मंदिर में मुरली महाराज के मार्गदर्शन में आरती करके हुआ।