Board Exam 2026: रटने की जरूरत नहीं, समझदारी से लाएं 100% अंक; जानें क्या है नया एग्जाम फॉर्मूला
Maharashtra Board Exam: 10वीं बोर्ड पास करना हुआ आसान! त्रिभाषा पैटर्न, 'बेस्ट ऑफ फाइव' और 20 अंकों के प्रैक्टिकल से छात्रों का टेंशन खत्म। जानें अच्छे अंक लाने की पूरी स्ट्रैटेजी।
- Written By: प्रिया जैस
बोर्ड परीक्षा (सौजन्य-IANS)
Three Language Formula: इन दिनों छात्र बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से ली जाने वाली है। प्रैक्टिकल परीक्षा अंतिम चरण में पहुंच गई है। 10वीं की परीक्षा 20 मार्च से ली जाएगी। 10वीं की परीक्षा में त्रिभाषा पैटर्न लागू होने से परीक्षा में उत्तीर्ण होना बेहद आसान हो गया है। इस पैटर्न ने परीक्षा को लेकर छात्रों के टेंशन को कुछ हद तक दूर किया है।
10वीं बोर्ड होने से छात्रों के साथ ही परिजनों के भी दिल की धड़कन बढ़ी रहती है। अच्छे अंक से उत्तीर्ण होना सभी का सपना होता है। 10वीं में बेस्ट फाइव पैटर्न होने से पिछले कुछ वर्षों से परिणाम बेहतर हुआ है। अनेक छात्र 100 फीसदी अंक भी हासिल करते हैं।
इन छात्रों के लिए भी त्रिभाषा पैटर्न वरदान साबित हो रहा है। वहीं वे छात्र जो पढ़ाई में कच्चे हैं, उनके लिए तो उत्तीर्ण होना और भी आसान हो गया है। वैसे देखा जाए तो छात्रों को परीक्षा में उत्तीर्ण होने की बजाय अच्छे अंक हासिल करने पर फोकस करना चाहिए।
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बेस्ट फाइव विषयों से परिणाम
त्रिभाषा सूत्र के अनुसार तीन भाषा विषयों का होना अनिवार्य है। इनमें हिंदी, मराठी, अंग्रेजी/ संस्कृत/ अन्य भारतीय भाषा का समावेश होता है। भाषा के सभी विषयों की परीक्षा 100 अंकों की होती है। इनमें 20 अंक प्रैक्टिकल या मौखिक परीक्षा के होते हैं। यह अंक स्कूल स्तर पर दिये जाते हैं। अधिकांश स्कूल 18-20 अंक देते हैं। एक विषय में पासिंग अंक 35 है।
- 20-20 अंकों के प्रैक्टिकल अंक
- 35 फीसदी पासिंग परसेंटेज
- 10 वैकल्पिक प्रश्न हर पेपर में
- 5 विषयों के आधार पर परिणाम
अब यदि छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा में 18 अंक भी मिल जाते हैं तो उन्हें लिखित परीक्षा में 17 अंक हासिल करने पर कुल 35 अंक मिल जाते हैं। यानी छात्र उत्तीर्ण हो सकता है। इसके अलावा सोशल साइंस, गणित और साइंस में भी इसी तरह का पैटर्न होता है।
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स्कूल स्तर पर मिलने वाले अंकों की वजह से छात्रों को बड़ा सहारा मिल गया है जबकि परीक्षा का परिणाम बेस्ट फाइव विषयों के आधार पर बनाया जाता है। 6 विषयों की परीक्षा ली जाती है। जिस विषय में सबसे कम अंक होते हैं, उसे छोड़ दिया जाता है जबकि पांच विषयों के आधार पर परिणाम तैयार किया जाता है।
टेंशन नहीं, रिवीजन का वक्त
शिक्षण मंडल के पूर्व सदस्य शिक्षक जयंत जांभुलकर ने बताया कि छात्रों को बेहतरीन अंक हासिल करने पर जोर देना चाहिए। परीक्षा का पैटर्न होने से टेंशन जैसा कोई विषय ही नहीं रह गया है। इस हालत में अधिक से अधिक अंक कैसे हासिल किये जाएं, इस पर फोकस करना चाहिए। पूर्व प्राचार्य रेखा सजीवन ने बताया कि 10वीं में हर पेपर में 10 अंकों के वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते हैं।
इससे छात्रों को काफी मदद मिल जाती है। अब परीक्षा की तिथि नजदीक आ रही है। इस हालत में छात्रों को बिना टेंशन लिये विषयों के रिवीजन पर ध्यान एकाग्र करना चाहिए। परीक्षा में नकल जैसी किसी भी तरह के अनुचित साधन पर ध्यान न देते हुए अच्छे अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण करने पर फोकस होना चाहिए।
