नागपुर के बूटीबोरी MIDC में दर्दनाक हादसा: सीवर चेंबर की सफाई के दौरान दम घुटने से 2 मजदूरों की मौत, एक गंभीर
Nagpur Butibori Accident: नागपुर के बूटीबोरी एमआईडीसी में सीवर चेंबर की सफाई के दौरान दम घुटने से 2 ठेका मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर बूटीबोरी हादसा, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Butibori MIDC Sewer Incident: नागपुर के बूटीबोरी एमआईडीसी क्षेत्र में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा सामने आया, जहां सीवर लाइन के गहरे चेंबर की सफाई के दौरान दम घुटने से दो ठेका मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जांच में जहरीली गैस के रिसाव और ऑक्सीजन की कमी को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है।
घटना बूटीबोरी एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित मंगलम कंपनी के सामने मार्ग किनारे हुई। यहां एमआईडीसी की दूषित पानी निकासी पाइपलाइन के लगभग 10 से 12 फीट गहरे चेंबर की सफाई का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि सफाई कार्य ठेका पद्धति के तहत कराया जा रहा था और मजदूर चेंबर के भीतर उतरकर सफाई में जुटे हुए थे।
जहरीली गैस से दम घुटा, दो मजदूरों की मौत, एक गंभीर
इसी दौरान अचानक चेंबर के भीतर मौजूद जहरीली गैस का असर बढ़ गया और ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और मजदूरों का दम घुटने लगा। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दो मजदूरों की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
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इस हादसे में नागपुर निवासी प्रशांत मंजुले (51) और बीबी सावली, कान्होलीबारा निवासी राहुल मडावी (28) की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं सुरेश पातेकर (45), निवासी बूटीबोरी, गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल मजदूर को तत्काल उपचार के लिए मिहान स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सीवर हादसे के बाद जांच तेज, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने स्थिति का जायजा लिया और मृत मजदूरों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मिहान स्थित अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और चिंता का माहौल देखा गया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह सफाई कार्य एमआईडीसी के ठेकेदार गौरव पुरी के अधीन कराया जा रहा था। अब जांच का प्रमुख विषय यह है कि मजदूरों को चेंबर में उतारने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट या अन्य जरूरी सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
सीवर हादसे में लापरवाही की जांच, जिम्मेदारों पर कार्रवाई संभव
विशेषज्ञों के अनुसार, सीवर लाइन या बंद चेंबरों की सफाई के दौरान जहरीली गैसों-जैसे मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड और कार्बन मोनोऑक्साइड-का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर काम शुरू करने से पहले गैस की जांच, ऑक्सीजन स्तर का परीक्षण और सुरक्षा किट का इस्तेमाल अनिवार्य माना जाता है। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो ऐसे हादसे जानलेवा साबित हो सकते हैं।
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फिलहाल बूटीबोरी एमआईडीसी पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा लापरवाही का नतीजा था या सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है और संबंधित विभागों से जानकारी मांगी गई है।
