ESIC दवाखाना निर्माण अधूरा (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Industrial Area Health Facilities: औद्योगिक नगरी बूटीबोरी में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यहां के हजारों कामगार और स्थानीय नागरिक वर्षों से एक सुसज्जित सरकारी दवाखाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उनकी यह उम्मीद अब तक पूरी नहीं हो पाई है। ईएसआईसी दवाखाने का निर्माण कार्य शुरू होने के बावजूद इसकी धीमी रफ्तार ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
करीब 190 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पांच मंजिला दवाखाना 200 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक अस्पताल होगा। इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू किया गया था और इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह लक्ष्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। तीन वर्षों के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है और काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है, जिसे लेकर नागरिकों में नाराजगी है।
बूटीबोरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जहां हजारों मजदूर कार्यरत हैं। दवाखाना नहीं होने के कारण उन्हें इलाज के लिए नागपुर जाना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। कई बार आपात स्थिति में समय पर उपचार नहीं मिलने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी शहर में बस स्टैंड का निर्माण किया गया था, लेकिन उसका उपयोग नहीं होने के कारण वह ‘शोपीस’ बनकर रह गया। अब ईएसआईसी दवाखाने की धीमी प्रगति को देखकर नागरिकों को आशंका है कि कहीं यह परियोजना भी अधूरी या निष्प्रभावी न रह जाए।
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इस दवाखाने का निर्माण कार्य केपीसी प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, लेकिन कार्य में देरी के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है। मौके पर कार्यरत कर्मचारी भी इस विषय में कुछ कहने से बचते नजर आते हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नागरिकों और कामगारों ने प्रशासन से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि क्षेत्र को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। अब देखना यह है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाता है या फिर यह परियोजना यूं ही ‘कछुआ चाल’ से आगे बढ़ती रहती है।