नागपुर में ग्राम विकास पुरस्कार-2026 का वितरण, CM फडणवीस रहे मौजूद; 9 ग्राम पंचायतों को मिला सम्मान

Nagpur Event Devendra Fadnavis: नागपुर में रणजीत देशमुख के 80वें जन्मदिन पर आयोजित समारोह में 9 ग्राम पंचायतों और संस्थाओं को ग्राम विकास कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
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ग्राम विकास पुरस्कार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Event Rural Development: नागपुर महाराष्ट्र के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री रणजीत देशमुख के 80वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में 'आरडी फाउंडेशन' द्वारा आयोजित 'रणजीत बाबू देशमुख ग्राम विकास पुरस्कार-2026' वितरण समारोह संपन्न हुआ। ग्रामीण विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 9 ग्राम पंचायतों और संस्थाओं को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों यह पुरस्कार और 1,00,000 का चेक देकर सम्मानित किया गया।

अध्यक्षता ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयकुमार गोरे ने की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री रणजीत देशमुख प्रमुख रूप से उपस्थित थे। रणजीत देशमुख और पत्नी रूपा देशमुख को मुख्यमंत्री द्वारा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

पुरस्कार की अवधारणा : आरडी फाउंडेशन

के अध्यक्ष विधायक आशीष देशमुख ने प्रास्ताविक भाषण में पुरस्कार को अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि रणजीत देशमुख ने हमेशा गांवों के विकास को राज्य की प्रगति का आधार माना। इसी दूरदर्शिता से प्रेरणा लेकर ग्रामीण भारत में जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले निस्वार्थ लोगों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस पुरस्कार की शुरुआत की गई है, ताकि अन्य गांवों को भी इससे प्रेरणा मिले। समारोह में आयुश्री देशमुख, गिरीश गांधी, अशोक धोटे, सुनीता गावंडे, संध्या गोतमारे, निशा सावरकर उपस्थित थीं। संचालन डॉ. विजय धोटे ने किया और आभार प्रदर्शन अशोक धोटे द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सहित नागरिक उपस्थित थे।

जनभागीदारी ही ग्राम विकास की आत्मा : देवेंद्र

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अनूठे प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि गांवों का विकास ही राष्ट्र की प्रगति का केंद्र बिंदु है। जब तक हमारा ग्रामीण विकास मजबूत नहीं होगा, देश सक्षम नहीं बन सकता, रणजीत देशमुख ने ग्रामीण विकास के लिए जो योगदान दिया है वह बेहद प्रेरणादायी है।

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से किसान प्रगति कर रहे हैं। ऐसे में यह पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और संस्थाओं को नई ऊर्जा देगा। जनभागीदारी ही ग्राम विकास की आत्मा है और पुरस्कार विजेता गांवों ने इसे साबित करके दिखाया है।

9 ग्राम पंचायतों और संस्थाओं को मिला पुरस्कार

  • ग्राम पंचायत उमरी भरतपुर (तहसील सावनेर): जनभागीदारी (लोक सहभाग) के क्षेत्र में गौरवपूर्ण कार्य के लिए।
  • ग्राम पंचायत विरली (तहसील उमरेड) अपराध मुक्त गाद, शराबबंदी और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए।
  • ग्राम पंचायत तरोडी (तहसील कामठी) अपशिष्ट जल (सांडपाणी) व ठीस कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए।
  • ग्राम पंचायत आष्टीकला (तहसील कलमेश्वर): आजीविका (रोजगार) के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए।
  • जिला परिषद उच्च प्राथमिक स्कूल चणकापूर (तहसील सावनेर) शिक्षा के क्षेत्र में नवोन्मेषों (ज्ञानवधिनी) कार्य के लिए।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिष्णूर तहसील नरखेड।: स्वास्थ्य क्षेत्र में सराहनीय सेवाओं के लिए।
  • ग्राम पंचायत चामणा (तहसील मौदा) आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में।
  • जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन कलमेश्वर ग्राम विकास के लिए निरंतर सीएसआर योगदान देने के लिए।
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