प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Board Exam Center Allocation: बोर्ड परीक्षा नजदीक आते ही विभागीय मंडल द्वारा तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं। बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के वितरण का नियम बनाया है। इसके बाद भी शहर सहित कई जिलों में नियमों का उल्लंघन होने का खुलासा हुआ है। नागपुर में ही छात्रों को उनके स्कूल से 14 किमी दूर का सेंटर मिला, जबकि स्कूल से केंद्र की दूरी अधिकतम 5 किमी होनी चाहिए।
सोमवार को बोर्ड में विविध संगठनों के साथ ही सहविचार बैठक आयोजित की गई थी। इसमें तैयारी संबंधी विविध मुद्दों पर चर्चा की गई। परीक्षा केंद्रों का वितरण छात्रों की सुविधा के अनुसार किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को आने-जाने में दिक्कतें न हों। शहरी भागों में ट्रैफिक अधिक होने से केंद्र भी करीब ही मिलना चाहिए।
बोर्ड की बैठक में सामने आया कि नागपुर के सीपी एंड बेरार हाईस्कूल रविनगर के छात्रों को लकड़गंज का विनायकराव देशमुख हाईस्कूल बतौर केंद्र मिला है। स्कूल से केंद्र की दूरी 14 किमी है। यानी यह सरासर नियमों का उल्लंघन है। अधिकारियों ने इसमें सुधार का आश्वासन दिया।
बताया जाता है कि यह केवल एकमात्र मामला नहीं है। दरअसल शिक्षक संगठनों के पास शिकायत मिलने पर मुद्दे उठाये जाते हैं लेकिन जगह की शिकायत नहीं की जाती। इस वजह से केंद्र वितरण में भी वर्षों से मनमानी की जाती है जिससे छात्रों को परीक्षा में अनावश्यक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बैठक में मानधन का भी मुद्दा उठाया गया। दरअसल शिक्षक-कर्मचारियों के मानधन में 2017 से कोई वृद्धि नहीं की गई है। वर्तमान में प्रश्न पत्र मूल्यांकन और पर्यवेक्षकों को मिलने वाला मानधन बेहद कम है। इस दौरान मानधान में 10-15 फीसदी की वृद्धि करने की मांग की गई। हालांकि राज्य मंडल ने मानधन वृद्धि पर सकारात्मकता दिखाई है। अब विभागीय मंडल अध्यक्ष द्वारा फॉलोअप करने का आश्वासन दिया गया।
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इसी तरह एक शिक्षक पर अधिकतम 200 उत्तर पत्रिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी होनी चाहिए। अधिक उत्तर पत्रिकाएं होने पर छात्रों के साथ न्याय करने में दिक्कतें आती हैं। इसी तरह मॉडरेटर को 1,000 उत्तर पत्रिकाओं को मॉडरेशन की ही जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई। विभागीय मंडल ने उक्त मांगों पर सहमति व्यक्त की है।