नागपुर विधान परिषद चुनाव: 18 जून को वोटिंग, आचार संहिता के बीच पर्यटन स्थलों पर भेजे गए स्थानीय जनप्रतिनिधि
Nagpur MLC Election: नागपुर स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव से पहले भाजपा पार्षदों के टूर को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग का डर बताया, जबकि भाजपा ने आरोपों को खारिज किया।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर एमएलसी चुनाव,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Maharashtra Politics: विधान परिषद की नागपुर स्थानीय निकाय सीट का चुनाव 18 जून को होगा। अकेले भाजपा के पास ही जीत के लिए दो तिहाई मतदाता हैं। बावजूद इसके मनपा के सारे नगरसेवकों को गोवा टूर पर भेजा गया है। वहीं नगर परिषद व नगर पंचायत के सदस्य भी अलग-अलग पर्यटन स्थलों की सैर में वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में ले जाए गए हैं।
कांग्रेस आरोप लगा रही है कि क्रॉस वोटिंग के भय से बीजेपी ने अपने वोटर्स नॉट रिचेबल कर दिये हैं। इस आरोप को बीजेपी उम्मीदवार डॉ. राजीव पोतदार ने खारिज करते हुए कहा कि मनपा में चुनावी आचार संहिता के कारण कोई काम नहीं हो रहा है। नगरसेवकों की छुट्टी है। इसलिए वे घूमने गए हैं। साथ ही यह भी जोड़ा कि अगर कोई अपने स्वयं के खर्च से कहीं घूमने जाए तो कारण पूछने का अधिकार किसी को नहीं है।
एमएलसी चुनाव में जीत का दावा, भाजपा ने गिनाए अपने मतों के आंकड़े
वे प्रेस परिषद में बोल रहे थे। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष द्वय मनोहर कुंभारे, आनंदराव राऊत, पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद गजभिये व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। पोतदार ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के 3 माह पूर्व ही बीजेपी नगरसेवकों का रामभाऊ म्हालगी अभ्यास वर्ग तय हो गया था। 15 से 17 तारीख तक यह वर्ग चलेगा।
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उसके बाद नगरसेवक लौटेंगे और 18 जून को वोटिंग करेंगे, बीजेपी के पास 504 वोट पोतदार ने बताया कि विप चुनाव के लिए कुल 836 मतदाता हैं और इनमें से 504 बीजेपी के हैं। महायुति के घटक दलों को मिलाकर यह संख्या 582 है।
इसलिए हमारी जीत सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनावों में जिले के सारे नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने टीमवर्क के साथ एकजुट होकर कार्य किया और जिले की 29 नगर परिषदों व नगर पंचायतों में से 27 पर जीत हासिल की। इसमें भी 25 पर भाजपा का कब्जा है और 2 पर शिक्सेना काबिज हुई है। जिला परिषद के चुनाव नहीं हुए लेकिन चुनाव आयोग का निर्णय था कि जहां 75 प्रतिशत वोटर्स हैं वहां चुनाव करवाए जा सकते हैं।
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करेंगे जनहित व विकास कार्य
विप सदस्य के रूप में केवल डेढ़ वर्ष मिलने के संदर्भ में पोतदार ने कहा कि 18 महीनों में वे जिले के विकास कार्यों व जनहित के कार्यों पर ध्यान केन्द्रत करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझे अनेक अवसर दिये। 2019 के चुनाव में विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया लेकिन मेरी हार हुई। उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनाव में भी पार्टी टिकट देती लेकिन कांग्रेस को किसी भी सूरत में हराने के लिए मैंने रिस्क नहीं लिया और एक वर्ष पूर्व ही चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी थी। चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के लिए कार्य किया और सफलता मिली।
